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10वीं के टॉप 10 में हमारे 10 होनहार, प्रदेश में तीसरे नंबर पर रेवाड़ी

3 वर्ष पहले
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नंबर-1 की तरफ बढ़ते कदम

पिछली बार 61.09%

इस बार 62.71% पास

भास्कर न्यूज | रेवाड़ी

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा का परिणाम सोमवार दोपहर बाद जारी हा़े गया। इस बार जिले के 62.71 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं। यह रिजल्ट पिछली बार से 1.62 फीसदी बेहतर रहा। परिणाम में बेशक अभी बेहद सुधार की जरूरत है, लेकिन दूसरे जिलों से तुलना करें तो संतोषजनक कहा जा सकता है। इस बार रेवाड़ी एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए राज्य में तीसरे स्थान पर रहा। साल दर साल एक-एक कदम कर जिला नंबर-1 के पायदान की ओर बढ़ रहा है। 2017 में चौथी तथा 2016 में पांचवीं पोजिशन थी। परीक्षा में जिले के 12555 विद्यार्थी बैठे थे, इनमें से 7873 पास हुए। लड़कियां इस बार भी आगे रहीं। लड़कों की तुलना में 6.84% लड़कियां ज्यादा पास हुई हैं। 2017 में लड़कियों का परिणाम लड़कों से 2.93% बेहतर रहा था। देर शाम तक परिणाम देखने में बच्चे व्यस्त रहे।

12वीं की तरह 10वीं में पहुंचेंगे टॉप पर : डीईओ

10वीं के परिणाम में पिछले तीन सालों से लगातार सुधार हो रहा है। दो सालों में हम पांचवें से तीसरे पायदान पहुंच गए हैं। जबकि बीते दो सालों से रेवाड़ी 12वीं के परिणाम में प्रदेश में अव्वल रहा है। अगली बार 10वीं में भी टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य रहेगा। - सुरेश गोरिया, कार्यकारी डीईओ, रेवाड़ी।

हरियाणा बोर्ड दसवीं का उत्कृष्ट रिजल्ट आने पर स्कूल में खुशी मनाते विद्यार्थी।

एक नजर में परिणाम

कुल विद्यार्थी पास प्रतिशत

12555 7873 62.71

लड़कियों का परिणाम लड़कों से 6.84% बेहतर

कुल लड़के पास पास प्रतिशत

6499 3861 59.41

कुल लड़की पास पास प्रतिशत

6056 4012 66.25

पिछले 6 सालों में कुछ सुधार

2013- 52.26%

2014- 66.63%

2015 : 48.60 %

2016 : 54.62 %

2017 : 61.09 %

2018 : 62.43 %

यहां देखें परिणाम

परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट www.bseh.org.in एवं www.indiaresults.com पर देख सकते हैं। यह परिणाम बोर्ड के एप पर भी देख सकते हैं। इस एप को गूगल प्ले स्टोर डाउनलोड किया जा सकता है।

12555 विद्यार्थियों में से 7873 पास, लड़कों से 6.84% लड़कियां ज्यादा सफल

2 फैक्टर...जिससे प्रभावित होता परिणाम

कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बड़ा फैक्टर है। इससे स्कूलों में निश्चित तौर से पढ़ाई प्रभावित होती है। सबसे बड़ा असर स्कूलों में अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे विषयों के ही शिक्षक नहीं होने पर पड़ता है। जबकि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक पर्याप्त संख्या में हाेते हैं। इससे सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के परिणाम में आमतौर पर अंतर रहता हैं।

गणित व विज्ञान विषय में कमजोर

अंग्रेजी और गणित विषय में इस बार भी खास फर्क नहीं नजर आया है। पिछली बार के परिणाम से एक-दो प्रतिशत का ही अंतर है। नियमित कक्षाओं के प्रदेश का परिणाम देखें तो अंग्रेजी में पिछली बार 67.33 और अब 67.19 प्रतिशत, गणित में पहले 66.31 व इस बार 67.78 प्रतिशत तथा विज्ञान में पहले 63.11 और अब 65.64 प्रतिशत तथा सामाजिक विज्ञान का परिणाम 66.63 प्रतिशत रहा।

टॉपर्स का सक्सेस मंत्र

हरियाणा बोर्ड के 10वीं के परिणाम में रेवाड़ी जिले के लिए इस बार खास बात ये रही कि टॉप-टेन की सूची में प्रदेश के 52 विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें रेवाड़ी जिले के 10 विद्यार्थी शामिल हैं। हर पोजिशन पर दो-तीन विद्यार्थी होने से यह स्थिति बनी है। प्रदेश में दूसरे स्थान पर रही छात्रा सेलिना जिले की टॉपर है। उसने 500 में से 495 यानी 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। राज्य में चौथे नंबर पर रही रक्षा यादव 493 अंक लेकर जिले की सेकेंड टॉपर बनी। 492 अंक के साथ प्राची शर्मा राज्य में 5वें जबकि जिले में तीसरे स्थान पर रही। 490 अंकों के साथ अंजली, योगिता व कोपल यादव राज्य में 8वें और जिले में चौथे स्थान पर रही। 489 अंकों के साथ भास्कर व दीपिका प्रदेश में 9वें व जिले में 5वें स्थान पर रहे। वहीं 487 अंकों के साथ कोमल और सचिन ने जिले में छठा तथा राज्य में 10वां स्थान प्राप्त कर जिले को गौरान्वित किया।

बोले...

प्रदेश में 2 स्थान

जीवन में लक्ष्य- डॉक्टर बनना है।

स्कूल के साथ ही रात को नियमित 4 घंटे की पढ़ाई : परीक्षा के लिए कोई खास तैयारी नहीं की, बस स्कूल में पढ़ाई के साथ घर आकर रात को 4 घंटे पढ़ाई करना उनकी नियमित दिनचर्या में शामिल रहा। इस वजह से ट्यूशन की भी जरूरत नहीं पड़ी। पिता जितेंद्र मनेठी पीएचसी में एमपीएचडब्लू पद पर कार्यरत है। माता मीनू कुमारी स्कूल में ही हिंदी की प्रवक्ता है। हिंदी में 100 प्रतिशत अंक भी मिले। स्कूल में शिक्षकों से भी पूरा सहयोग मिला।

495

सेलिना यादव

जीवन ज्योति सीसे स्कूल, मंदौला

संयोग से पिछली बार भी सोमवार को ही जारी हुआ था परिणाम

हम, पिछली बार चौथे, उससे पहले थे पांचवे नंबर पर आए थे

लक्ष्य तय कर तैयारी करें तो सफल हाेंगे, फिर नंबर मायने नहीं रखते। ये मेहनत हमारी डॉक्टर, साइंटिस्ट, प्रोफेसर, इंजीनियर बनने की राह आसान करेगी

99.0

%

500

प्रदेश में 5वें स्थान

जीवन में लक्ष्य- केमिस्ट्री से प्रोफेसर बनना

टीवी-मोबाइल से बनाई दूरी, हर दिन 6 घंटे किया अध्ययन : स्कूल के साथ ही 6 घंटे रोजाना खुद नियमित पढ़ाई की और स्कूल में शिक्षकों का भी पूरा मार्गदर्शन मिला। इसके अलावा परीक्षा के दिनों में टीवी-मोबाइल से भी दूरी बनाए रखी। पिता प्रमोद कुमार बेरली में हिंदी के प्राध्यापक हंै। हिंदी में 100 में से 99 अंक मिले। टींट गांव निवासी प्राची के माता-पिता फिलहाल रेवाड़ी शहर में रहते हैं। रसायन शास्त्र विषय से प्रोफेसर बनना उनका लक्ष्य है।

98.4

%

492

500

प्राची शर्मा

भारती इंटरनेशनल बोडियाकमालपुर

प्रदेश में 7 वां स्थान

जीवन में लक्ष्य- आईएएस बनना

विशेष तैयारी नहीं, सामान्य की पढ़ाई

: बोर्ड परीक्षा के लिए कोई खास तैयारी करने की बजाय पढ़ाई की प्रक्रिया रूटीन रही। स्कूल में पढ़ने के साथ ही घर पर 4 घंटे कम से कम स्टडी की। बड़ी बहन वाईएमसीए कॉलेज से बी-टेक कर रही है। माता ग्रहिणी है और स्कूल शिक्षकों के साथ परिजनों का भी पूरा सहयोग मिला। अब वह नॉन मेडिकल लेकर आईएएस बनना चाहती है।

98.0

%

490

500

अंजली

विवेकानंद सीसे स्कूल, कोसली

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