3 लाख लीटर दूध की क्षमता वाला प्लांट लगाने की डिमांड
कोटा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) से तीन लाख लीटर दूध रोजाना प्रोसेस करने की क्षमता वाले प्लांट की डिमांड की गई है।
एमडी श्याम बाबू वर्मा ने बताया कि उक्त मांग को लेकर संघ व सरस डेयरी प्रशासन की ओर से आरसीडीएफ को पत्र भेजा गया है। एमडी ने कहा आरसीडीएफ से प्लांट की स्वीकृति मिलती है, तो उसके लिए जिला दुग्ध उत्पादक संघ को लोन लेना पड़ेगा। इसके लिए संघ की बोर्ड बैठक में उक्त एजेंडा रखा जाएगा। बोर्ड बैठक 30 अप्रैल को प्रस्तावित है।
भविष्य की जरूरत है बड़ी क्षमता का प्लांट
दुग्ध उत्पादक संघ के चेयरमैन श्रीलाल गुंजल ने कहा 3 लाख लीटर दूध को प्रोसेस करने की क्षमता वाला प्लांट भविष्य की जरूरत है। आरसीडीएफ को पूर्व में इसका प्रस्ताव भेजा था। जिस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में दोबारा से आरसीडीएफ को प्रस्ताव का पत्र भेजा गया है। वर्तमान में प्लांट 50 हजार लीटर दूध की क्षमता का है, जबकि उक्त प्लांट से डेढ़ लाख लीटर दूध को प्रोसेस किया जाता है। प्लांट के विस्तार के लिए संघ के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।