कृषि वैज्ञानिकों के साथ वंशावली लेखन व इतिहास के विशेषज्ञों को करनी होगी रिसर्च
कृषि वैज्ञानिकों के साथ वंशावली लेखन व इतिहास के विशेषज्ञों को करनी होगी रिसर्च
कोटा| कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण में कई आयाम स्थापित किए हंै, लेकिन वैदिक साहित्य और वंशावलियों में भारतीय कृषि के कई ऐसे उपाय तथा देसी नुस्खे व्याप्त हैं, जिन पर विस्तार से शोध किया जाना बाकी है। इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों के साथ ही इतिहासकार व वंशावली लेखन के विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास करने होंगे। यह बात कृषि विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. जीएल केशव ने कही। वे स्कूल ऑफ हैरिटेज, वंशावली शोधपीठ व इतिहास संकलन समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन पर बोल रहे थे। सेमिनार में विभिन्न राज्यों केे 175 शोधार्थियों ने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। अध्यक्षता कोटा यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. पीके दशोरा ने की।