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4 को जीवित निकाला एक की तलाश जारी

3 वर्ष पहले
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इस फोटो में आप जिन्हें देख रहे हैं, वे हैं होटल मैनेजर गोपाल। मलबे से बचाए जाने के बाद उन्होंने भास्कर को बताया पूरा घटनाक्रम....
सीढ़ियों में दरारें आईं, बिल्डिंग दरकने लगी; हम टेबल के नीचे छुपे थे इसलिए बच गए
नई धानमंडी स्थित जर्जर बिल्डिंग दोप. 11.14 बजे गिरी

रात 2 बजे आई बारिश, 5वें व्यक्ति की खोज रोकनी पड़ी
क्राइम रिपोर्टर | कोटा

नई धानमंडी स्थित काॅन्टेसा होटल एंड बार की 3 मंजिला बिल्डिंग शनिवार दोपहर 11.14 बजे अचानक भरभरा कर गिर गई। तीन दिनों से बार बंद होने के कारण वहां केवल 5 कर्मचारी ही थे, जो मलबे में दब गए। तत्काल शुरू हुए राहत कार्य के दौरान 3 जनों को मलबे से तथा एक युवक को जर्जर बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल से रेस्क्यू कर निकाला। हादसे के समय नवल, गंगाधर, शिवा और लक्ष्मण भी बिल्डिंग में थे, जो तुरंत वहां से हटे और अपनी जान बचाई।

आंखों देखी
गोपाल उर्फ विनय रॉय | होटल मैनेजर

मैं बार में था, तभी सफाईकर्मी युवक ने मुझसे कहा कि सीढिय़ों में दरारें आ रही हैं। तभी अचानक पड़-पड़ की आवाजें आने लगी और लगा कि भूकंप आ गया है। अचानक बिल्डिंग सरकने लगी और कुछ हिस्सा गिरने जैसी आवाजें आई। मुझे बस इतना याद है कि मैं एक बड़ी टेबल के नीचे छुप गया और जिसके बाद मलबा टेबल पर गिरता रहा। जैसे ही मलबा गिरने लगा तो प|ी और बच्चों के चेहरे मेरी आंखों के सामने आए। मैं मन ही मन भगवान से प्रार्थना करता रहा। टेबल नहीं होती तो मलबा मुझ पर गिर जाता.. और मैं नहीं बच पाता। भगवान का शुक्र है कि हम लोग बच गए। मुझे इतना याद है कि किचन में कुछ लड़के काम कर रहे थे जिनके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। होटल में कोई ग्राहक नहीं था। नवल, गंगाधर, शिवा और लक्ष्मण चार जने भी उस समय होटल में थे, लेकिन वो वहां से भाग गए या वहां फंस रहे हैं, मुझे जानकारी नहीं है।

मात्र 10 सैकंड में ताश के पत्तों की तरह ढह गई बिल्डिंग
कोटा, रविवार, 15 अप्रैल, 2018

कुल पृष्ठ 20+4= 24

राहुल जैन व्यवसायी (प्रत्यक्षदर्शी)

मैं करीब सवा 11 बजे ऑफिस से बाहर सड़क पर आया था कि पत्थरों के गिरने की आवाज आई। आवाज की दिशा में देखा तो सामने बार की बिल्डिंग भरभराकर गिरते हुए दिखाई दी। 3 मंजिला बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह इतनी तेजी से धराशायी हुई कि मात्र 10 सैकंड में मलबे में बदल गई। मैंने तुरंत गुमानपुरा थाना और अग्निशमन विभाग को फोन किया। 10 मिनट में पुलिस पहुंची। कुछ कदम की दूरी पर ही धानमंडी गेट पर कई जेसीबी और क्रेन खड़ी रहती है, वहां से जेसीबी व क्रेन लेकर आए। एक युवक दबा हुआ दिखा। क्रेन से वो हटाया और उसे सुरक्षित निकाला। उसके पैर और सिर चोटें आई है। उसके बाद अग्निशमन विभाग, नगर निगम, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, यूआईटी, जिला प्रशासन की टीम पहुंचने लगी। तब तक पता चला कि चार जने और भी भीतर है। उसके बाद तीन और लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बाद में पता चला कि एक व्यक्ति और है, जो दिखाई नहीं दे रहा है। उसे निकालने का कार्य जारी है।

राजस्थान
मूल्य Rs. 4.50 | वर्ष 20, अंक 41, महानगर

वैशाख कृष्ण पक्ष-14, 2075

बिल्डिंग मालिक पर केस
पुलिस ने गुमानपुरा थाने में होटल मालिक अनवर खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। निगम ने इस बिल्डिंग का एक हिस्सा सीज कर दिया है। प्रथम दृष्टया काफी पुराने स्ट्रक्चर तथा उसकी मरम्मत करने की बजाय केवल बाहरी सजावट को बिल्डिंग गिरने का कारण माना जा रहा है। मामले में दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के संदर्भ में उच्च अधिकारियों के लेवल पर बात चल रही थी, रात तक किसी ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं की।

हादसे में बूढ़ादीत निवासी बुद्घिप्रकाश, पूनम कॉलोनी निवासी विनय राय उर्फ गोपाल, बारां निवासी जितेन्द्र मीणा, रामहेत के चोटें आई हैं। चारों घायलों के सिर व शरीर के अंदरूनी हिस्सों में चोटें आई है। घायलों में जितेन्द्र और बुद्घिप्रकाश किचन में काम कर रहे थे। जबकि विनय राय होटल का मैनेजर हैं। पांचवां व्यक्ति सद्दाम हुसैन बार के एक कमरे में फंस गया।

12 राज्य | 66 संस्करण

हादसे के लिए जिम्मेदार 4 बड़ी लापरवाही
1 बिल्डिंग जर्जर अवस्था में थी, जिस पर नियमानुसार नया निर्माण नहीं हो सकता था। अधिकारियों की अनदेखी की वजह से निर्माण हो गया।

2 बिल्डिंग जीरो सेटबैक पर बनी हुई थी। पूरे प्लाॅट पर निर्माण कर रखा था।

भास्कर एक्सपर्ट : बिना कॉलम बीम के बना रखी थी होटल की बिल्डिंग

तीन मंजिला बिल्डिंग की नींव और बनावट इतना लोड लेने में सक्षम नहीं है। ये पहले प्लेटफार्म और गोदाम थे। बाद में इसे होटल के रूप में बनाया गया है। इसकी दीवारें कहीं भी आरसीसी के कॉलम बीम पर नहीं टिकी हुई है। नीचे से दीवारें उठी हुई थी उसी पर मंजिलें बनाते चले गए। बिल्डिंग के गिरने का एक कारण ये भी हो सकता है कि दो दिन पहले जो तेज हवा आई थी, उससे इसके ऊपर बने टीनशेड पर काफी प्रेशर पड़ा होगा।

प्रेमशंकर शर्मा, एसई नगर निगम

गोदाम पर बिना आरसीसी के बना दी तीन मंजिला बिल्डिंग, नतीजा : ताश के महल की तरह ढह गई... पढ़ें कोटा फ्रंट पेज

घायल को बाहर निकालती टीम।

3 शहर के होटल और बड़ी बिल्डिंगों का हर वर्ष प्रशासन द्वारा सर्वे करवाया जाता है, तो इस बिल्डिंग का सर्वे क्यों नहीं करवाया गया।

4 बिल्डिंग की मरम्मत करवाने की बजाय केवल बाहर से सजावट की गई थी।

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