सुख और दुख दोनों अवस्था में समान रहें: शशांक सागर
कोटा| दिगंबर जैन मंदिर समिति विज्ञान नगर में शनिवार को धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य शशांक सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य का जीवन चक्र की तरह होता है। इसमें सुख भी आते है और दुख भी आते हैं। वास्तव में तो इन दोनों अवस्थाओं में अपना व्यवहार समान रहना चाहिए। सतत रुप से भगवान की भक्ति में लगे रहना चाहिए ताकि दुख का अहसास ही न हो। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजमल पाटोदी ने बताया कि रविवार को सुबह 7 बजे अभिषेक विधि विधान से होगा। 7.30 बजे से आचार्य शशांक सागर महाराज के सानिध्य में भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन होगा।