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रेल मंत्री का फर्जी लैटर हैड बनाया, कनफर्म टिकट के लिए डीआरएम को वाट्सएप किया; एजेंट और 2 यात्री गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | कोटा

रेल मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी लैटर हैड से सूरत का एजेंट यात्रियों के टिकट कनफर्म करवाने का गोरखधंधा कर रहा था। इसके लिए उसने रेल मंत्री के फर्जी साइन भी किए थे। फर्जीवाड़ा खुलने पर आरपीएफ ने दलाल को सूरत से गिरफ्तार कर लिया। कोटा से रेल मंत्री के फर्जी लैटर हैड समेत 2 यात्री भी पकड़े गए जिन्हें सूरत भेज दिया गया है। कनफर्म टिकट के एवज में दलाल ने यात्रियों से 600-600 रुपए अतिरिक्त लिए थे। इस मामले में भीमगंजमंडी थाने में जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज की गई है। आरपीएफ की टीम यह पता करने का प्रयास कर रही है कि रश्मिकांत ने पूर्व में रेल मंत्री के कितने फर्जी लैटर हैड पर किन-किन रेलवे के डीआरएम को रिक्वेस्ट लेटर भेजे हैं।

सूरत के माधव नगर पाडेसरा निवासी रश्मिकांत प्रहलाद भाई पटेल 4 यात्रियों के सूरत से कोटा व कोटा से फैजाबाद के टिकट बनाए। सूरत से कोटा के टिकट कनफर्म थे। कोटा-पटना ट्रेन का कोटा से फैजाबाद तक का तत्काल कोटे में लिया गया टिकट कनफर्म नहीं था। टिकट कनफर्म कराने का वादा कर चुके एजेंट ने रेल मंत्री पीयूष गोयल का फर्जी लैटर हैड तैयार किया। लैटर हैड पर यात्रियों के नाम, पीएनआर नंबर लिखे। साथ ही रेलमंत्री के जाली साइन किए। लैटर हैड पर सांसद किरीट सोमैया का भी नाम था, लेकिन उनके साइन नहीं थे। दलाल रश्मिकांत ने लैटर हैड का फोटो 14 अप्रैल को कोटा डीआरएम को वाट्सएप कर दिया। डीआरएम को जब रेल मंत्री के लैटर हैड पर कोटा-पटना ट्रेन के स्लीपर कोच में 4 बर्थ का रिक्वेस्ट लेटर मिला तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को सूचना दी। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने रेल मंत्रालय से लेटर हैड के बारे में जानकारी की तो पता चला कि मंत्री ने ऐसा कोई रिक्वेस्ट लैटर जारी नहीं किया है।

रविवार तड़के सूरत से पकड़ा गया एजेंट

रेल मंत्री कार्यालय से रिक्वेस्ट नहीं भेजने की बात पता चली तो रेलवे बोर्ड अधिकारियों ने आरपीएफ के डीजी धर्मेंद्र कुमार को पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त आरके मलिक को कार्रवाई के निर्देश दिए। मलिक के निर्देश पर कोटा आरपीएफ कमांडेंट आरएसपी सिंह को सूचना दी। सिंह ने आरपीएफ की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव खरब व मनीष कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। खरब ने सूरत आरपीएफ पोस्ट व अपराध शाखा से संपर्क किया। आरपीएफ टीम ने रश्मिकांत प्रहलाद भाई के घर का पता कर उसकी तलाश शुरू की। रविवार तड़के उसे आरपीएफ ने पकड़ लिया।

रश्मिकांत एजेंट

ऐसे बनाया फर्जी लैटर हैड : आरपीएफ की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव खरब ने बताया कि एजेंट रश्मिकांत ने ऑनलाइन सर्च करके रेल मंत्री के लैटर हैड का डिजाइन निकाला। उसके बाद 8 यात्रियों के टिकट कनफर्म करवाने के लिए 2 फर्जी लैटर हैड बनाए। इस पर रेल मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर कर उसका फोटो डीआरएम कोटा को वाट्सएप कर दिया। बाकी 4 यात्रियों को लेटर हैड देकर कोटा भेज दिया, जिसमें से 2 यहां पकड़े गए।

कोटा में 2 यात्री गिरफ्तार : मामला सामने आने के बाद आरपीएफ इमरजेंसी कोटा सेल पर निगाह रख रहा था। रविवार दोपहर लगभग 12 बजे 2 व्यक्ति कोटा के उप स्टेशन अधीक्षक पीएन गुप्ता के पास पहुंचे और रेल मंत्री का लैटर हैड दिखाकर इमरजेंसी कोटा सेल का पता पूछा। इसपर कोटा-पटना ट्रेन में वाराणसी के लिए 4 बर्थ अलॉट करने को कहा गया था। गुप्ता ने आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ ने दोनों यात्रियों पांडेसर सूरत निवासी दीपक भाई व सम्राट को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दलाल रश्मिकांत ने 1500 रुपए अतिरिक्त लेकर ये लेटर उन्हें दिया था।

सम्राट और दीपक (सूरत निवासी)

साल में 25 से अधिक मामले पकड़े जाते हैं

त्यौहारी सीजन व गर्मी की छुट्टियों में भीड़भाड़ होने पर टिकट दलालों का धंधा पनपने लगता है। आरपीएफ प्रतिवर्ष कोटा में ही लगभग 20 से 25 ऐसे मामले पकड़ती है। साथ ही 80 हजार से 1 लाख तक के टिकट भी बरामद किए जाते हैं। दलाल फर्जी आईडी व अन्य माध्यमों से टिकट बुक करवाकर यात्रियों से प्रत्येक टिकट के 500 से 2000 रुपये तक अधिक वसूल लेते हैं।

फर्जी आईडी से बनाते हैं टिकट : आरपीएफ कमांडेंट आरएसपी सिंह ने बताया कि अवैध टिकट एजेंट कभी खुद की आईडी पर तो कभी अन्य की आईडी पर टिकट बनवाते हैं। अवैध एजेंट इसके लिए कई नाम व पतों की आईडी रखते हैं। जांच में कई आईडी तो फर्जी पाई जाती है।

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