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सप्त योग में अक्षय तृतीया आज, विवाह के साथ शुरू होंगे शुभ कार्य

3 वर्ष पहले
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अक्षय तृतीया आज मनाई जाएगी। इस बार की अक्षय तृतीया की खास बात है कि यह सप्त महायोग में मनेगी। इसी योग में विवाह और मांगलिक कार्य होंगे।

इसमें आनंदादि सिद्धियोग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, सूर्य मेष राशि में, चंद्रमा वृषभ राशि में होने से अक्षय तृतीया पर अद्‌भुत संयोग बना है। इसी दिन से शहरभर में अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त के साथ शहनाई गूंजेगी। शहरभर में भी कई सम्मेलन होंगे। इसमें गुर्जर समाज का नयागांव और मेहर समाज का विवाह सम्मेलन रंगबाड़ी में होगा।

एक महीने तक शादियों के मुहूर्त रहेंगे, फिर 16 मई से अधिक मास लगने से विराम लग जाएगा। 13 जून तक इस अवधि में शादियां नहीं होंगी। अक्षय तृतीया पर शहरभर में कई शादियां होंगी। इसके अलावा सामूहिक सम्मेलन भी होंगे। वैशाख शुक्ल पक्ष कृतिका नक्षत्र में अक्षय तृतीया पर अद्‌भुत योग बन रहे हैं। इसमें किए कार्य शुभ और फलदायी होंगे। इसके साथ खरीदारी भी शुभ रहेगी। अबूझ मुहूर्त में शनिदेव भी वक्री रहेंगे। अक्षय तृतीया के दिन शनि धनु राशि में वक्री होंगे। यह अवधि 142 दिनों की होगी। इसी दिन से शादियों के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। साथ ही भगवान परशुराम जयंती मनाई जाएगी। इस दिन को सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ दिवस और हृयग्रीव का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है। यह संयोग शादी और खरीदारी के लिए काफी शुभ होगा।

अप्रैल से जुलाई तक विभिन्न तारीखों में शादी के कई श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। इसी दिन गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, भूमिपूजन, मुंडन संस्कार करना शुभ होगा। नया व्यापार, प्रॉपर्टी, सोना-चांदी, तांबा, कपड़े, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम खरीदना अति फलदायी होगा।

आनंदादि सिद्धियोग के साथ आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग रहेंगे, गुर्जर समाज और मेहर समाज का होगा विवाह सम्मेलन

सिर्फ आज ही ग्वाल रूप में दर्शन होते हैं ठाकुरजी के: अक्षय तृतीया पर बांकेबिहारी मंदिर रंगबाड़ी में सुबह 7:55 बजे से दोपहर 11:55 बजे तक चरण कमलों के दर्शन होंगे। वर्ष में केवल आज ही के दिन भक्तों को ठाकुरजी ग्वाल रूप में पैरों में पायल धारण किए दर्शन देते हैं। इस अवसर पर ठाकुरजी को चंदन का लेप किया जाता है। शाम 5:30 बजे से रात 10 बजे तक सर्वांग दर्शन होंगे तथा फूल बंगले एवं छप्पन भोग के भी विशेष दर्शन होंगे।

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