निगम उपायुक्त व एक्सईएन के कामों में किया बदलाव, अब नए सिरे से दी जिम्मेदारियां
नगर निगम में उपायुक्तों, एक्सईएन तथा एईएन के कार्यों का नए सिरे से विभाजन किया गया है। आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने इसके लिए कामों के बंटवारे के आदेश जारी किए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि उनकी अनुमति के बिना इन आदेशों मेेंं कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यह आदेश मंगलवार को जारी किए गए। आदेश के अनुसार तीनों उपायुक्तों के साथ एक्सईएन व एईएन को जिम्मेदारी देते हुए उनके काम का भी बंटवारा किया गया है।
अब इनको ये काम करने होंगे
रामपुरा जोन : उपायुक्त प्रेमशंकर शर्मा, एक्सईएन प्रशांत भारद्वाज, एईएन अजय बब्बर, रूपम तिवारी, प्रकाश शर्मा, जेईएन विनोद मंडावत, शिल्पा चित्तौड़ा, कुलदीप प्रेमी, रामहंस मीणा, राकेश कुमार वार्ड 43,11, 36, 37, 15, 12, 13, 14, 16, 1, 2, 3, 18, 19, 34, 35, 38, 39, 17, 40, 41 व 42 में सर्विस लेवल बेंचमार्क, गंदी बस्ती सुधार समिति, सतर्कता, पीजी प्रकरण, जनसुनवाई, सीडीपी, सीवरेज सेल का पूर्ण प्रभार, प्रभारी सचिव की बैठक, निदेशालय द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाएं, एमपीएलएडी, एमएलएएलएडी मीटिंग्स एवं रिव्यू, एमजेएसवाई व अमृत मिशन की जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्यालय : उपायुक्त श्वेता फगड़िया, एक्सईएन अब्दुल कयूम कुरैशी, महेन्द्र सिंह हाड़ा, एईएन मोतीलाल चौधरी, संजय विजय, सतीश मीना, जेईएन तौसीफ खान, भुवनेश नावरिया, अंशुल जोरी, मुकेश मीणा, अनुराधा गुप्ता। वार्ड 49, 50, 55, 56, 28, 54, 57, 58, 51, 52, को जनसहभागिता, वार्षिक कार्य योजना, दशहरा मैदान एवं प्रशासनिक भवन, नगर आयाेजना सौंदर्यीकरण समिति, आॅडिट, उद्यान अनुभाग, प्रोजेक्ट सेल, गैरिज अनुभाग, गैरिज पूल, प्रभारी हैल्पलाइन, बंधा धर्मपुरा गोशाला, कायन हाउस, वेस्ट प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी है।
विज्ञान नगर जोन : उपायुक्त राजेश डागा, एक्सईएन महेश चंद शर्मा, एईएन राजेन्द्र दाधीच, बब्बू गुप्ता, अमित जोशी, जेईएन दिनेश गंगवाल, लक्ष्मीनारायण बडारिया, विनोद मेहरा व मोनू चित्तौड़िया, वार्ड 8, 9, 10, 33, 61, 4, 5, 6, 7, 59, 60, 62, 63, 32, 25, 24, 29, 30, 31 में पेयजल अनुभाग, डीडीआर, बीस सूत्रीय कार्यक्रम, आईएल सील योजना, सुलभ नामकरण समिति, ई गवर्नेस बोर्ड बैठक आदि कार्य देखेंगे।
कार्य को और बेहतर बनाने के लिए किया बदलाव
आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने कहा कि कार्य को और बेहतर करने के लिए यह बदलाव किया गया है। इससे निगम के कामों में और गति आएगी, लोगों के काम और बेहतर तरीके से होंगे। वार्ड में भी देखरेख के साथ ही विकास के काम होंगे।