बजरी के ट्रकों से वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों की जांच शुरू
आईजी विशाल बंसल ने दिए जांच के निर्देश
कोटा | शहर पुलिस द्वारा नाकाबंदी के नाम पर बजरी के ट्रकों से वसूली करने की करतूत उजागर होने के बाद शुक्रवार को महकमे में हड़कंप मचा रहा। कोटा आईजी विशाल बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अंशुमन भौमिया को मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी से करवाई जाए।
जांच टीम द्वारा जांच के बाद मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। भास्कर ने शुक्रवार के अंक में ‘नाकाबंदी के नाम पर बजरी के हर ट्रक से 10 से 12 हजार रु. लेते हैं पुलिसकर्मी, हर महीने 1 करोड़ रु. की वसूली’ हैडिंग से खबर प्रकाशित करके सच उजागर किया था। इसमें बताया था कि शहर में बजरी का ट्रक दिखते ही थाने या अल्फा टीम के पुलिसकर्मी चेकिंग के नाम पर उसे रोकते हैं। कोई 1000 रुपए लेता है तो कोई दो से 3 हजार रुपए लेने के बाद ही ट्रक को आगे जाने देता है।
साथी पुलिसकर्मियों को देते हैं सूचना : ट्रकों के बारे में पुलिसकर्मी ही एक-दूसरे को सूचना देते रहते हैं। कुन्हाड़ी से डीसीएम रोड व सीएडी तक एक ट्रक वाले को 10 से 12 हजार रुपए पुलिसकर्मियों काे देने पड़ते हैं। इस दौरान कई पुलिसवाले बजरी वालों से पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हुए। इसमें नयापुरा, किशोरपुरा, गुमानपुरा, दादाबाड़ी व जवाहर नगर थाने की पुलिस शामिल थी।
भास्कर इंपैक्ट
वसूली करते पुलिसकर्मी कैमरे में हुए कैद।
दोषियों के खिलाफ करेंगे कार्रवाई
इस मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं। पूरे मामले की जांच के लिए जांच टीम का गठन कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
-समीर दुबे, एएसपी कोटा सिटी