पहले भी रिश्वत मांग चुका है केईडीएल का लाइनमैन
बिजली कंपनी केईडीएल के लाइनमैन द्वारा रिश्वत लेने के मामले में अब और भी पीड़ित सामने आने लगे हैं। शुक्रवार को एसीबी दफ्तर में दो पीड़ित पहुंचे और उन्होंने बिजली कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा धमकाने की लिखित शिकायत दी। एसीबी ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
एसीबी सीअाई विवेक सोनी ने बताया कि पहली शिकायत आरपीएस कॉलोनी निवासी योगेश दाधीच ने दी है। उसने शिकायत में कहा है कि विष्णु सेन और ठाकुरदास 5-6 महीने पहले उसके घर पहुंचे थे और रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने वीसीआर भरने की धमकी दी थी और वो मुझ पर दबाव बनाने की नीयत से मीटर खोलकर अपने साथ ले गए थे। इसी प्रकार दूसरी शिकायत विज्ञान नगर निवासी आसिफ मुर्तजा ने दी है। उसने अपनी शिकायत में कहा कि कुछ दिनों पहले उनके घर पर विष्णु सेन करीब 4-5 जनों के साथ आया था। उसने उन्हें भी इसी प्रकार वीसीआर भरने की धमकी देकर 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने पर उसकी वीसीआर भर दी गई और उसे जुर्माना देना पड़ा था। इधर, एसीबी टीम शुक्रवार को दिनभर मामले की जांच और आवश्यक जानकारी जुटाने में लगी रही।
गौरतलब है कि व्यापारी रुस्तम अली ने मंगलवार को एसीबी में शिकायत देकर कहा कि बिजली कंपनी के करीब 7-8 लोग उसके कारखाने पहुंचे और वीसीआर भरने की धमकी देकर 7 लाख रुपए जुर्माना लगाया। अब मामले को निपटाने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। 5 लाख रिश्वत मांगी और 1 लाख में डील तय हुई। एसीबी ने पूरा जाल बिछाकर बुधवार को टेक्निकल हेल्पर कम लाइन मैन विष्णु सेन और दलाल ठाकुरदास को 1 लाख की घूस लेते गिरफ्तार किया था। इस मामले में गुरुवार को चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि फरियादी रुस्तम अली की 16 लाख की वीसीआर भरी गई है। एसीबी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए रिकॉर्ड तलब भी किया है।