बेवजह नहीं, टेरेटरी में जाने पर भय के कारण हमला करते हैं वन्यजीव
कोटा | कोटा यूनिवर्सिटी के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की ओर से चल रही आठ दिवसीय वर्कशॉप के पांचवें दिन वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट दौलत सिंह ने सरिस्का, मुकंदरा व रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के स्टेटस और व्यवहार पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किस तरह साल 2010 में उनका सामना बाघ से हो गया था और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने कहा की वन्य जीव बेवजह किसी मनुष्य पर आक्रमण नहीं करते। आप उनकी टेरिटरी में जाएंगे तो अज्ञात भय से वह आक्रमण कर देते हैं। उन्होंने बाघ ही नहीं अन्य वन्य जीवों के व्यवहार के बारे में भी रोचक जानकारियां दी। सिंह ने स्वयं के द्वारा खींचे गए कई असंभव दिखने वाले फोटो भी दिखाए। मुकंदरा वाइल्ड लाइफ व एनवायरमेंटल सोसाइटी के अध्यक्ष तपेश्वर सिंह भाटी ने वाइल्ड लाइफ में शोधकार्य व वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाइल्ड लाइफ में जो स्टूडेंट्स पीजी करते हैं, उनका मकसद सरकारी नौकरी हासिल करना ही नहीं होता है। वह वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैं। उन्होंने छात्रों को विभिन्न संस्थानों से जुड़कर रिसर्च करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।