दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
कोटा | प्रारंभिक काल से ही देश में वंशावली लेखन की विधा रही है। जिसने इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वंशावली लेखन इतिहास के मौलिक स्रोत के रूप में स्थापित है, लेकिन विद्वानों ने इतिहास लेखन में लोक इतिहास परंपरा व वंशावलियों का उतना उपयोग नहीं किया, जितना करना चाहिए। इस सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कोटा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हैरिटेज, वंशावली शोधपीठ व भारतीय इतिहास संकलन समिति की ओर से 14 व 15 अप्रैल को यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित सरस्वती भवन में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. पीके दशोरा ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में दी। मुख्य वक्ता उत्तरप्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा होंगे। मुख्य अतिथि राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लाखावत होंगे। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर व पूर्व विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के केएस गुप्ता होंगे। समापन 15 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे होगा। इसमें मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला होंगे। विशिष्ट अतिथि कृषि विश्वविद्यालय के वीसी प्राे . जीएल केशवा होंगे। अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. दशोरा करेंगे।