सुरक्षा जांच के बाद ही स्वीकृति हों मैरिज गार्डन
कोटा|कोर्ट ने शहर के मैरिज गार्डनों की नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त करने, जर्जर सामुदायिक भवनों को ठीक कराने के कोर्ट ने आदेश दिए हैं। आदेश दिए हैं कि जो विवाह स्थल अवैध तरीके से हाईटेंशन विद्युत लाइनों के नीचे संचालित है उनका सेफ्टी की दृष्टि से आकलन किया जाए। जर्जर सामुदायिक भवन संबंधित विभाग द्वारा ठीक करवाया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि विवाह स्थलों की सुरक्षा की दृष्टि से जांच करने के बाद ही स्वीकृति दी जाए। यह आदेश स्थाई लोक अदालत ने एक वकील की याचिका पर नगर निगम को दिए हैं। वकील लोकेश कुमार सैनी ने स्थाई लोक अदालत में याचिका दाखिल कर जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और राजस्व समिति नगर निगम के अध्यक्ष को पार्टी बनाया था। याचिका में बताया कि कोटा शहर में नगर निगम के पास 148 विवाह स्थलों का सर्वे है, जिसमें केवल एक ने ही अनुमति ले रखी है। बाकी विवाह स्थल बिना अनुमति के चल रहे हैं, कई विवाह स्थल तो 132 के केवी विद्युत लाइनों के नीचे भी संचालित हो रहे हैंै। उन्हें ठीक कराया जाना आवश्यक है।
इधर, नगर निगम का जवाब में कहना है कि शहर में संचालित विवाह स्थलों के बारे में सजग है और समय-समय पर कार्यवाही की जाती है। क्षेत्र में नांता रोड स्थित सामुदायिक भवनों के संचालकों को नोटिस जारी कर हाईटेंशन लाइन हटाने और मैरिज गार्डन संचालन बंद करने के लिए कहा गया है।