सरकार ने मंजूर किए 7 लाख, एम्स में 24 मई को होगा कोटा की बेटी अनिता का बोनमेरो ट्रांसप्लांट
एप्लास्टिक एनीमिया की शिकार अनंतपुरा की रहने वाली अनिता प्रजापति (20) का अब दिल्ली के एम्स में बोनमेरो ट्रांसप्लांट हो सकेगा। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उसके बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना के तहत 7 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं और बजट एम्स को भेज दिया गया है। एम्स ने 24 मई को अनिता के ऑपरेशन के लिए डेट भी दे दी है। यह वही अनिता है, जिसके इलाज व अन्य जरूरतों के लिए समय-समय पर कोटावासी मदद करते आए हैं। पिछले दो साल में शहर के दर्जनों लोगों ने उसके इलाज में मदद की है। अनिता के पिता प्रहलाद प्रजापति बताते हैं कि दो साल पहले बेटी की इस बीमारी का पता चला तो एकदम टूट सा गया था। लेकिन इस शहर के लोगों का शुक्रिया कहूंगा, जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ दिया और मैं बेटी को बचाने के लिए संघर्ष करता रहा। एम्स में कई चक्कर काटे, दिल्ली के निर्माण भवन में कई बार गया, पीएमओ को लिखा, अफसरों से मिला... और आखिरकार अब मेरे पास 7 लाख रुपए की स्वीकृति का पत्र आ गया है। प्रहलाद के मुताबिक, ऑपरेशन के लिए 20-21 मई को दिल्ली जाऊंगा। गौरतलब है कि भास्कर ने कई बार कोटा की इस बेटी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, इसके बाद शहरवासी इस परिवार की मदद को आगे आए थे।
अनिता के पिता प्रहलाद प्रजापति।
भास्कर में प्रकािशत खबर
300 से ज्यादा बार ब्लड व एसडीपी चढ़ाए, हिम्मत नहीं हारी :अनिता को पिछले दो साल में 300 बार से ज्यादा ब्लड, एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट) चढ़ाए जा चुके हैं। पहले तो हर 10-15 दिन में उसे ब्लड व एसडीपी चढ़ाने पड़ते थे, अब एक माह में एक बार चढ़ाने पड़ते हैं। वर्तमान में उसका एम्स का ही ट्रीटमेंट चल रहा है। बेटी की बीमारी के चलते कोटा, जयपुर व दिल्ली तक की गई भागदौड़ की वजह से प्रहलाद को नौकरी तक छोड़नी पड़ी। पिता ने न खुद हिम्मत हारी, न बेटी को हताश होने दिया। खुद ने कुछ समय पहले ट्रांसपोर्ट नगर में एक चाय की दुकान शुरू कर दी और इसी साल बेटी को जेडीबी कॉलेज में फर्स्ट ईयर में दोबारा एडमिशन भी दिलाया।
मासूम वैष्णवी की मदद को आगे आए शहर के युवा
बजरंग नगर निवासी दीपक कुशवाह की 6 माह की बेटी वैष्णवी का इलाज अब कोटा के ही निजी हॉस्पिटल में हो सकेगा। उसे भर्ती करा दिया गया है और डॉक्टर जल्द ही उसका ऑपरेशन करेंगे। बच्ची के इलाज में जरूरी सहायता राशि के लिए तीन दिन से सहयोग राशि एकत्र कर रहे टीम जीवनदाता तथा टीम जीवनरक्षक के सदस्य युवाओं ने मंगलवार शाम हॉस्पिटल पहुंचकर सहायता राशि उसके पिता को सौंपी। संयोजक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि वैष्णवी को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के बाद हमारी टीम के सोशल मीडिया ग्रुप्स पर संदेश वायरल किया। इसके बाद एक-एक करके लोग आगे आने लगे और न सिर्फ हमारी टीम बल्कि शहर के अन्य लोगों ने आगे बढ़कर सहायता राशि दी। तीन दिन में 83 हजार 100 रुपए एकत्र हुए। इसमें से 50 हजार रुपए की राशि वैष्णवी के परिजनों को सौंप दी गई है। कार्डियक सर्जन डॉ. पलकेश अग्रवाल ने बताया कि यह परिवार भामाशाह योजना में कवर होता है, इसलिए उसका ऑपरेशन से जुड़ा सारा काम कैशलैस हो जाएगा। लेकिन अन्य खर्चे परिवार वहन करने की स्थिति में नहीं है।