जिस अस्पताल में लोग स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर आते हैं, वह उल्टा बीमारी बांट रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को डेंगू हो रहा है। वजह यह है कि वार्डों में मच्छरों का भारी आतंक है। भास्कर समय-समय पर यह मुद्दा उठाता रहा है। नतीजा सर्जरी वार्ड में 20 दिन से भर्ती मरीज को यहीं डेंगू हो गया और उसकी सोमवार शाम मौत हो गई। उड़िया बस्ती, संजय नगर निवासी हमीद खान (55) आंतों में सूजनी शिकायत पर 2 मई को सर्जिकल वार्ड-बी में एडमिट हुआ। दो दिन पहले उसे बुखार हुआ जांच कराने पर डेंगू पॉजिटिव निकला। सोमवार शाम को जांच के दौरान श्वसन तंत्र फेल होने से उसकी मौत हो गई। सर्जरी विभाग के डॉ. आरजी मीणा ने बताया कि मरीज की आंतों में सूजन थी। मौत डेंगू से हुई, यह कहना मुश्किल है, क्योंकि उसकी बुखार की हिस्ट्री सिर्फ एक दिन की रही है।
इस साल डेंगू के 120 केस
बेटा बोला-पिता पूरी तरह सामान्य थे
मृतक के बेटे फहीम ने बताया कि उनके पिता को सीनियर डॉक्टरों ने एक-दो बार ही देखा होगा। बाकि जूनियर डॉक्टर देखते हैं। वे हमें कहते कि सर से बात हो गई। मेरे पिता तो पूरी तरह सामान्य थे। आज वे एकदम से सीरियस हो गए और मौत हो गई। अस्पताल में मच्छरों का भारी आतंक है। आप खुद बताइए, जब पिछले 20 दिन से मेरे पिता ने अस्पताल के बाहर कदम ही नहीं रखा तो फिर मच्छर कहां से काटा? जाहिर है, अस्पताल में ही मच्छर ने काटा, जिससे उन्हें डेंगू हुआ। अस्पताल में बहुत अव्यवस्थाएं हैं, हम गरीब आदमी है, प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं ले जा पाए।
मृतक हमीद।
इस साल की दूसरी मौत: बेमौसम डेंगू से इस साल में यह दूसरी मौत है। इससे पहले बूंदी निवासी मरीज भगवती प्रसाद (50) की भी एमबीएस अस्पताल में मौत हुई थी। उसकी मौत तो 21 मार्च को ही हो गई थी, लेकिन 22 मार्च को आई रिपोर्ट में उसे डेंगू पॉजिटिव मिला था।