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जनप्रतिनिधि बोले-न दशहरा मैदान में पार्क बनने देंगे, न जमीन बिकने देंगे

3 वर्ष पहले
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महापौर सहित सभी समिति सदस्य मेले से पहले मैदान के काम के पूरा होने को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने इसकी जानकारी स्मार्ट सिटी के एईएन एक्यू कुरैशी से लेनी चाही। महापौर ने कहा कि पिछले साल तो जनता और व्यापारियों ने हमें माफ कर दिया, लेकिन इस साल माफ नहीं करेंगे। मित्रा ने कहा कि अभी तक तस्वीर साफ नहीं है। नक्शा तक उपलब्ध नहीं है। कहां कौन सी दुकानें होगी, प्रदर्शनी स्थल का साइज क्या रहेगा। आवंटन की प्रक्रिया क्या रहेगी। कभी कहते हैं ऑनलाइन करेंगे तो कभी पुराना पैटर्न लागू रहने की कहते हैं। कार्यवाहक उपायुक्त प्रेमशंकर शर्मा ने समय पर काम पूरा नहीं होने की आशंका जताई। इस पर निर्णय लिया कि सांसद व विधायकों से शीघ्र ही मैदान का निरीक्षण करने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही कलेक्टर, आयुक्त व मूल ठेकेदार को भी साथ लिया जाएगा ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

क्रिकेट टूर्नामेंट से होगा मेले का उद्घाटन

125वें दशहरा मेले को कुछ अलग और नया करने के लिए अध्यक्ष मित्रा ने प्रस्ताव रखा कि हर साल सांस्कृतिक कार्यक्रम से उद्घाटन करते हैं, लेकिन उस दिन नवरात्र स्थापना होने के कारण अपेक्षित जनता नहीं आ पाती है। ऐसे में इस साल राज्य की सातों नगर निगम का क्रिकेट टूर्नामेंट कराकर इसका उद्घाटन कराया जाए। इस पर सभी ने सहमति दे दी।

बैठक में ये भी निर्णय हुए

पिछले मेले में भुगतान की अटकी फाइलों का तत्काल भुगतान किया जाए।

मेलाधिकारी कार्यवाहक उपायुक्त व एसई प्रेमशंकर शर्मा को ही बनाया जाए।

दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया फाइनल करने से पहले सभी जनप्रतिनिधियों से बात की जाए।

मेले में बुलाए जाने वाले कलाकारों के नाम पहले से तय हों।

जो भी कार्य हैं उनके लिए कर्मचारियों व अधिकारियों को पहले ही नियुक्त कर दें।

प्रचार प्रसार का काम सही नहीं हो रहा, इसकी एजेंसी बदली जाए।

दशहरा मैदान के सेकंड फेज में पार्क नहीं बनना चाहिए। मेला समिति ने भी विरोध किया है, हम उससे सहमत हैं। हमने नगर निगम को भी कह दिया है कि वो प्रस्ताव तैयार करे, उसको आगे भेजेंगे। -ओम बिरला, सांसद

उपयोगी होगा इसलिए पार्क बना रहे हैं। हालांकि मूलस्वरूप में छेड़छाड़ नही होनी चाहिए। इसका विकास जनता की भावना के अनुरूप हो। - भवानीसिंह राजावत, विधायक

मैं इसके पक्ष में नहीं हूं। पिछले दिनों स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी से भी कहा था कि पास में तीन बड़े गार्डन है, मैदान में पार्क की आवश्यकता नहीं है। प्रगति मैदान की कल्पना ही गलत है। मेले का मूलस्वरूप ही खत्म कर दिया। - प्रहलाद गुंजल, विधायक

मेला समिति क्या चाहती है, उन्हें बुलाकर बात की जाएगी। जनता की भावनाओं के अनुरूप फेरबदल किया जाएगा। - संदीप शर्मा, विधायक

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