मुकंदरा में रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग करवाने को लेकर याचिका, कलेक्टर-डीसीएफ को नोटिस
वन्य जीवों की सुरक्षा करने और मुकंदरा के दरा रेज के बीच होकर निकल रही रेलवे ट्रैक पर फेसिंग करवाने का मामला कोर्ट में पहुंच गया है। शहर के दो वकीलों ने इस मांग को पूरा करवाने को लेकर मंगलवार को कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस पर कोर्ट ने जिला कलेक्टर और मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक को नोटिस जारी उनसे जवाब मांगा है। याचिका पर सुनवाई 26 जून को होगी।
वकील शादाब खिलजी और लोकेश कुमार सैनी ने मंगलवार को स्थायी लोक अदालत में जनहित याचिका दायर की। इसमें जिला कलेक्टर और मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक को पार्टी बनाया है। इसमें मुकंदरा के दरा रेंज के बीच में से होकर निकल रही रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग करने और वन्यजीवों की सुरक्षा करवाने की मांग की है। इस पर स्थायी लोक अदालत ने कलेक्टर और उपवन संरक्षक को नोटिस जारी कर 26 जून को जवाब-तलब किया है।
वकील खिलजी और सैनी ने याचिका में बताया कि कोटा शहर से 40-45 किलोमीटर की दूरी पर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व अभयारण्य स्थित है। कुछ समय पहले ही इस अभयारण्य में टाइगर को बसाया गया है। टाइगर रिजर्व अभयारण्य में से रेलवे ट्रैक भी निकल रहा है, जिसमें रोजाना कई ट्रेन गुजरती हैं। इस अभयारण्य में निकलते समय ट्रेनों से आए दिन कई दुर्घटनाएं होती हैं और कई वन्यजीवों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। वकीलों ने भी यह कहा कि 2003 में टाइगर और 2016 में भालू तथा 2018 में पैंथर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी प्रकार चीतल, जरख और अन्य कई जंगली जानवर जिनकी संख्या लगभग 17 है। इस रेलवे ट्रैक पर अपनी जान गवां चुके हैं। रेलवे ट्रैक की दोनों ओर फेंसिंग नहीं हो रही है। इससे वन्यजीव रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं और दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। राष्ट्रीय अभयारण्य का दर्जा प्राप्त होने के बाद भी वन विभाग द्वारा वन्यजीवों की सुरक्षा का इंतजाम नहीं कर रखा है।
भास्कर ने उठाया था मुद्दा