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इंजीनियर्स पर है देश को खुशहाल बनाने की जिम्मेदारी : सिंह

3 वर्ष पहले
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इंजीनियर्स को सही कहने से कभी चूकना नहीं चाहिए। चाहे परिणाम कुछ भी हों। चूंकि इंजीनियर्स पर देश को खुशहाल बनाने की जिम्मेदारी है। यह बात झालावाड़ रोड स्थित इंजीनियर्स भवन में शनिवार को दो दिवसीय जल ग्रहण विकास पर इंस्टीट्यूट आॅफ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित नेशनल सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में जल ग्रहण एवं मृदा संरक्षण विभाग राजस्थान के रिटायर्ड डायरेक्टर सुमेर सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि वर्षा जल प्रबंधन एवं जलग्रहण विकास में ग्रामीणों का परंपरागत ज्ञान भी हमें मदद करता है। माही परियोजना में अपने सेवाकाल के अनुभव भी बताए। कृषि मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त आयुक्त सीएम पांडे ने इस मौके पर रिमोट सेंसिंग, कैचमेंट सर्वे सहित अन्य तकनीक के उपयोग में लाने के तरीके बताए। इंस्टीट्यूट आॅफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष सीकेएस परमार ने कहा कि समाज में अभियंताओं की प्रतिष्ठा कम नहीं होने पाए, इसके लिए संघर्ष करना पड़े तो भी करें। विश्व बैंक परियोजना की अधिकारी अंजु गौड़ ने कहा कि पानी की उपलब्धता होने पर जल ग्रहण रचना काम जाएगी। पूर्व खनिज अभियंता एससी अग्रवाल ने खनन क्षेत्रों से निकले मलबे को रेत के विकल्प के रूप में काम में लेने का सुझाव दिया तथा खनन के पानी के सदुपयोग पर जोर दिया। कृषि विभाग के संयुक्त निर्देशक पीके गुप्ता ने कहा कि नहर परियोजना में पानी की बर्बादी हो रही है। उन्होंने फार्म पौंड बनाने की बात कही। नाबार्ड के राजीव दायमा ने प्राकृतिक संसाधनों व कृषि में एकीकृत जल ग्रहण पर व्याख्यान दिया। शोध छात्रा उपमा शर्मा एवं नेहा सक्सेना तथा अंकिता मिश्रा ने अच्छी बारिश वाले स्थानों पर जल ग्रहण ढांचे बनाने पर विस्तृत चर्चा की। सेमिनार में गंगानगर के बलमीत सिंह ने नहरी जल के सदुपयोग के सुझाव दिए। उत्तराखंड के केपी त्रिपाठी ने जल ग्रहण के बारे में बताया। सीएडी परियोजना के रिटायर्ड सीनियर इंजीनियर कैलाश भार्गव ,वरिष्ठ अभियंता ओपी माथुर, धीरेंद्र माथुर ,संजीव, मुकेश सुमन, भवानी शंकर मीणा ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संचालन सचिव जसमत सिंह ने किया।

समापन सत्र में सुमेर सिंह एवं अतिथियों को सीकेएस परमार ने सम्मानित किया। आयोजन में नेहा सक्सेना, अंकिता मिश्रा ने पावर प्वाइंट के माध्यम से भूमि जल स्तर से लेकर अन्य जानकारियां दी। कार्यक्रम में बृजेश विजयवर्गीय, डॉ. सुसेन राज सहित अन्य को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इंस्टीट्यूट के डीसी गुप्ता ने अतिथियों का आभार जताया।

झालावाड़ रोड स्थित इंजीनियर भवन में दो दिवसीय नेशनल वर्कशॉप का आयोजन

दो दिवसीय जल ग्रहण विकास पर नेशनल सेमिनार।

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