कोटा | नॉर्दर्न बाईपास पर मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान बिना मांग पूरी किए हटने के लिए तैयार नहीं है। इसके चलते सोमवार को आरओबी पर गर्डर चढ़ाने का काम भी नहीं हो पाया, जबकि इसके लिए रेल प्रशासन से ब्लॉक भी ले लिया गया था। उसे एनवक्त पर निरस्त किया गया। इस बीच प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया है। उनसे कहा है कि उनकी मांग को लेकर बात चल रही है। समाधान होगा लेकिन, वे कार्य को नहीं रोकें। अब प्रशासन ने यहां पर कार्य शुरू कराने के लिए सख्ती करने का भी फैसला किया गया है।
रविवार को वार्ता का भरोसा दिलाए जाने के बाद किसान सोमवार को दिन भर धरना स्थल पर अधिकारियों का इंतजार करते रहे। उन्होंने अपना धरना अब आरओबी के पास शुरू कर दिया है। इस बीच उनके समर्थन में सोमवार को आप पार्टी के पदाधिकारी भी पहुंचे। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, वे कोई काम नहीं होने देंगे। दिन भर एक ओर पुलिस के जवान व दूसरी ओर किसान बैठे रहे।
समझाइश की, नहीं माने किसान
बाईपास पर बन रहे आरओबी पर गर्डर चढ़ाने का काम सोमवार को करना था, इसके लिए रविवार को ही जंगी मशीनें वहां पहुंच गई थी। रेलवे से भी इसके लिए ब्लॉक ले लिया गया था लेकिन, किसानों के विरोध को देखते हुए यह ब्लॉक निरस्त कर दिया गया। इस बीच कलेक्टर गौरव गोयल ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारियों से भी बात की। किसानों की ओर से दिए ज्ञापन को लेकर भी दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। किसानों की मांगें वाजिब है लेकिन, बाईपास का निर्माण भी जरूरी है। उन्हें बता दिया गया है कि उनकी मांगों पर वार्ता जारी है, इसलिए वे काम करने दें। हम नहीं चाहते कि पुलिस बल के माध्यम से वहां काम करवाएं लेकिन, किसान अड़े रहे तो यह व्यवस्था भी करनी होगी। काम को नहीं रोक सकते। मुख्यमंत्री के सामने भी जो बात हुई थी, उस पर भी कार्रवाई चल रही है।