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फाइबर युक्त खाना खाएं व लाइफ स्टाइल चेंज कर बचें हाइपरटेंशन से

3 वर्ष पहले
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आज विश्व हाइपरटेंशन डे है। हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर। एक ऐसी कॉमन बीमारी हो चुकी है, जो 40 से ज्यादा उम्र के हर तीसरे व्यक्ति में पाई जाने लगी है। लेकिन भारतीय परिप्रेक्ष्य में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों को यही पता नहीं होता कि उन्हें यह बीमारी है भी या नहीं? इसकी वजह यह है कि लोग ब्लड प्रेशर (बीपी) तक जांच नहीं कराते। ग्रामीण क्षेत्र में तो आधी आबादी को यही नहीं पता कि बीपी होता क्या है? इन तमाम स्थितियों के बीच अब दिनोंदिन जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग ने इस दिन की थीम “नो यूअर हाइपरटेंशन-आपके रक्तचाप को जानें’। कोटा के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जिंदल, डॉ. साकेत गोयल, डॉ. सिद्धार्थ सेठी और डॉ. अतुल राठौर बता रहे हैं, क्या है हाइपरटेंशन और कैसे इस बीमारी से पार पाया जा सकता है। दिनोंदिन बढ़ रहे मोबाइल के यूज को भी विशेषज्ञ हाइपरटेंशन की बड़ी वजह मान रहे हैं।

कैसे बचें? इससे बचने का सबसे कारगर तरीका है लाइफ स्टाइल में बदलाव। स्वस्थ रहने की आदतों को बदलने की जरूरत है। धूम्रपान और शराब से बचें, नमक न्यूनतम खाएं और कम वसा तथा उच्च फाइबर आहार लें, जैसे फल-हरी सब्जियां। वजन कंट्रोल रखें, नियमित रूप से पल्स और बीपी जांच कराएं।

40 साल से ज्यादा उम्र के हर तीसरे व्यक्ति हाइपरटेंशन से पीड़ित, मोबाइल-कंप्यूटर बढ़ा रहे बीमारी

हाइपरटेंशन क्या है? हाइपरटेंशन उच्च रक्तचाप है। जिसके दौरान धमनियों में रक्तचाप सामान्य स्तर 120/80 से बढ़ता है। यह एक साइलेंट किलर है, क्योंकि इसका सामान्य तौर पर पता नहीं चलता। हालांकि गंभीर हाई ब्लड प्रेशर में सिरदर्द, नींद, धुंधली दृष्टि, थकान, चक्कर आना, सांस में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा :उच्च रक्तचाप में से लकवा और हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही नसों की अन्य बीमारियां भी इसकी वजह से होती है। यदि अपवाद स्वरूप 1 या 2 प्रतिशत मरीजों को छोड़ दें तो 98-99 फीसदी मरीजों को बीपी सामान्य सस्ती दवाइयों व हेल्दी लाइफ स्टाइल से कंट्रोल करें।

मोबाइल ने बंद की फिजिकल एक्टिविटी

बचपन में मोबाइल का अधिक प्रयोग बढ़ने से बच्चों में खेलने-कूदने की प्रवृत्ति नहीं के बराबर रह गई है। इससे वे कम उम्र में मोटापे का शिकार हो रहे हैं। मोबाइल और कम्प्यूटर के अधिक उपयोग से हाइपरटेंशन के मरीज बढ़ रहे हैं। 40 साल से कम उम्र के युवाओं में स्ट्रोक का बड़ा कारण यही बीमारी मानी जाती है।

आराम-तलब जीवन ने बढ़ाई समस्या

आराम तलब जीवन और फास्ट फूड से रक्तचाप की समस्या बढ़ती जा रही है। क्योंकि इसमें नमक की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक रहती है। यही वजह है कि 20 से 30 साल की उम्र पार करने वाले युवक हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं।

निशुल्क शिविर आज

कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. राकेश जिंदल ने बताया कि वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर गुरुवार को केएचआई परिसर में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक शिविर लगाया जाएगा, जिसमें ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच निशुल्क की जाएगी। स्क्रीनिंग के बाद मरीजों को संबंधित डॉक्टरों के पास भेजा जाएगा।

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