पश्चिम मध्य रेलवे ने बिजली खरीद में 376 करोड़ रुपए बचाए
कोटा | पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्ष 2017-18 में ओपन एक्सेस कनेक्शन के तहत बिजली खरीदकर 375.91 करोड़ रुपए की बचत की है। पूर्व में पश्चिम मध्य रेलवे मध्यप्रदेश विद्युत मंडल से 6.30 की दर से प्रति यूनिट बिजली खरीदता था। जनवरी 2016 को पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन ने अपने 24 ट्रैक्शन सब स्टेशनों के लिए 100 मेगावाट बिजली मैसर्स र|ागिरी पावर प्लांट महाराष्ट्र से रुपए 4.70 प्रति यूनिट तथा मैसर्स जिंदल इंडिया थर्मल पावर प्लांट से 145 मेगावाट 3.52 प्रति यूनिट की दर से एवं भारतीय रेल बिजली कंपनी लि. से 16 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदना प्रारंभ किया। मध्य प्रदेश क्षेत्र के लिए वर्ष 2016-17 में 774.85 मिलियन किलोवाट बिजली खरीदकर 226.05 करोड़ रुपए की बचत की है। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 4.56 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद 282.23 करोड़ की बचत की गई। राजस्थान विद्युत मंडल से 7.17 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है। जनवरी 2017 में मैसर्स जिंदल इंडिया थर्मल पावर प्लांट से 4.09 रुपए एवं रेलवे के एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लि. विंड पावर से 6.27 रुपए प्रति यूनिट की दर से ली जा रही है। इसके तहत वर्ष 2017-18 में 93.68 करोड़ रुपए की बचत की है।
कोटा | पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्ष 2017-18 में ओपन एक्सेस कनेक्शन के तहत बिजली खरीदकर 375.91 करोड़ रुपए की बचत की है। पूर्व में पश्चिम मध्य रेलवे मध्यप्रदेश विद्युत मंडल से 6.30 की दर से प्रति यूनिट बिजली खरीदता था। जनवरी 2016 को पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन ने अपने 24 ट्रैक्शन सब स्टेशनों के लिए 100 मेगावाट बिजली मैसर्स र|ागिरी पावर प्लांट महाराष्ट्र से रुपए 4.70 प्रति यूनिट तथा मैसर्स जिंदल इंडिया थर्मल पावर प्लांट से 145 मेगावाट 3.52 प्रति यूनिट की दर से एवं भारतीय रेल बिजली कंपनी लि. से 16 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदना प्रारंभ किया। मध्य प्रदेश क्षेत्र के लिए वर्ष 2016-17 में 774.85 मिलियन किलोवाट बिजली खरीदकर 226.05 करोड़ रुपए की बचत की है। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 4.56 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद 282.23 करोड़ की बचत की गई। राजस्थान विद्युत मंडल से 7.17 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है। जनवरी 2017 में मैसर्स जिंदल इंडिया थर्मल पावर प्लांट से 4.09 रुपए एवं रेलवे के एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लि. विंड पावर से 6.27 रुपए प्रति यूनिट की दर से ली जा रही है। इसके तहत वर्ष 2017-18 में 93.68 करोड़ रुपए की बचत की है।