ग्वालियर की थी लावारिस महिला, परिजनों को सौंपा
अपना घर में अर्चना को लेने आए बेटे व भाई।
सिटी रिपोर्टर | कोटा
करीब 15 दिन पहले एरोड्रम पर लावारिस मिली महिला ग्वालियर की अर्चना निकली। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह ग्वालियर से ट्रेन से कोटा आ गई थी। अर्चना का बेटा व भाई बुधवार को उसे लेने “अपना घर’ आए तो भावुक हो गए।
संस्था के मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि कोटा में कोचिंग कर रहे छात्र गौरव को 10 मई को एरोड्रम चौराहे पर यह महिला लावारिस अवस्था में रोती हुई दिखी। छात्र ने पुलिस को समस्या बताई तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने हमसे संपर्क किया। महिला को आश्रम में प्रवेश दिया तथा इलाज व काउंसलिंग के बाद उसने अपना नाम ग्वालियर निवासी अर्चना बताया। ग्वालियर में पुलिस को सूचना देकर परिजनों का पता कराया। अर्चना के कुशल होने का समाचार जानकर परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, वे तुरंत अर्चना को लेने कोटा आ गए। समाजसेविका ऊषा गोयल व प्रतिभा शर्मा की सहमति के बाद उसे भाई व बेटे के साथ रवाना कर दिया गया। कोटा आए उसके भाई अतुल कुशवाह एवं 15 वर्षीय पुत्र रोहन ने बताया कि 2 मई को अर्चना केमिस्ट की दुकान पर दवा लेने निकली थी, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह रास्ता भटक गई और ट्रेन से कोटा आ गई। जब रोहन ने 15 दिन के अंतराल के बाद अपनी मां को देखा तो वह रोने लगा। अर्चना की आंखों में भी आंसू आ गए। मां-बेटे के मिलन ने आश्रम के कार्यकर्ताओं को भी भावुक कर दिया। रोहन ने बताया कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से मां पहले भी घर से चली गई थी, इसकी पुलिस में भी रिपोर्ट करवा रखी है।