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समय पर नहीं बताए नियम, हजारों को होगा रीप में नुकसान

3 वर्ष पहले
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सेंटर फॉर ई गवर्नेंस की ओर से आयोजित होने वाले राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस के नियम देर से जारी करने से जेईई मेन नहीं देने वाले स्टूडेंट्स को काफी नुकसान होगा। सेंटर ने अपने नियमों में कहा है कि मेन देने वाले स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। यह सूचना तब जारी हुई जब मेन का

रिजल्ट जारी हुए भी 17 दिन बीत चुके हैं। हर साल रीप के नियम पहले ही जारी कर दिए जाते थे। अब जो स्टूडेंट देरी से सूचना जारी होने के कारण मेन नहीं दे पाए, उनको 12वीं के नंबरों पर ही एडमिशन दिया जाएगा। हालांकि उनको एडमिशन तभी मिलेगा जब मेन देने वाले स्टूडेंट्स पर्याप्त संख्या में न आएं और सीटें खाली रह जाएं।

पिछले साल राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने रीप आयोजित करवाया था। यूनिवर्सिटी ने पहले ही यह सूचना जारी कर दी थी कि राजस्थान के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मेन के अंकों के आधार पर होगा। इसके बाद बोर्ड के अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी। समय रहते सूचना जारी होने पर स्टूडेंट्स ने मेन का एग्जाम दिया। इस साल यह सूचना रिजल्ट आने के बाद भी कई दिन बाद जारी हुई है।

पहले ही उठाए थे सवाल

भास्कर ने मेन का रजिस्ट्रेशन पूरा होने से पहले ही इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाले एडमिशन प्रोसेस पर सवाल उठाए थे। उस समय भी सेंटर को यह साफ नहीं था कि उनको मेन के अंकों पर एडमिशन लेने हैं या फिर 12वीं के अंकों पर। अब सेंटर ने दोनों ही एग्जाम की प्रायरिटी तय कर दी।

मजबूरी में लेना पड़ेगा प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन : मेन में जिन स्टूडेंट्स की रैंक पीछे है, उनको अब प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में एडमिशन मिल जाएगा। वहीं 15% सीट दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित हैं। दूसरी ओर, प्रदेश के जिन स्टूडेंट्स ने मेन नहीं दिया और 12वीं में भी औसत नंबर आए हैं, वह इन राज्यों के बच्चों से पिछड़ जाएंगे। उनको प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेना पड़ेगा।

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