कोटा| प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से कमला उद्यान कुन्हाड़ी में चल रहे अलविदा तनाव शिविर में सोमवार को पूनम बहन ने कहा कि परमात्मा से स्वयं को जोड़कर हम न केवल स्वयं बल्कि परिवार और समाज को भी एक सही दिशा प्रदान कर सकते हैं और तनाव मुक्त वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा दुनिया में विभिन्न तरह के योग प्रचलित हैं, जिनका प्रयोग हम तन को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन करते हैं। जिस प्रकार तन को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम आवश्यक है। उसी प्रकार आत्मा को शुद्घ बनाने के लिए योग की जरूरत है और वह जरूरत पूरी करने वाला एकमात्र योग है राजयोग। जो प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अतिरिक्त विश्व में कहीं और नहीं सिखाया जाता है।