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नाबालिग बहनों के विवाह की तैयारी थी, प्रशासन ने रुकवाया

3 वर्ष पहले
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शहर से सटे जगपुरा गांव में आखातीज पर बुधवार को दो सगी नाबालिग बहनों का बाल-विवाह की तैयारी की जा रही थी। महिलाएं बाकायदा बासन लेकर घर पहुंच चुकी थीं और गुरुवार को शादी थी। लेकिन, इसी बीच चाइल्ड लाइन, प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल-विवाह को रोक दिया। टीम के पहुंचते ही वर-वधू पक्ष में हड़कंप मच गया। परिजनों से दोनों के उम्र संबंधी दस्तावेज मांगने पर लोगों ने टीम का विरोध किया। लेकिन, पुलिस की सख्ती के बाद सभी शांत हो गए। परिजनों के दस्तावेज नहीं देने पर टीम ने परिजनों को बाल-विवाह नहीं करने के लिए पाबंद कर दिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन टीम को सूचना मिली कि जगपुरा गांव में बाल-विवाह की तैयारियां चल रही हैं। दोपहर करीब 3.30 बजे जगपुरा चौकी पुलिसकर्मी, चाइल्ड लाइन के केन्द्र समन्वयक भूपेन्द्र गुर्जर, अमरलाल व अल्का अजमेरा समेत टीम मौके पर पहुंची। उस समय महिलाएं मंदिर से घर की तरफ बासन लेकर आ रही थी। पूछताछ में पता चला कि दो सगी बहनों की शादी जगपुरा में ही दो युवकों के साथ हो रही है।

मां करवा रही थी शादी

दोनों बहन 18 वर्ष से कम उम्र की हैं। पिता की मौत हो चुकी है और मां मजदूरी करके परिवार पाल रही हैं। परिवार में कुल 7 बहने और 1 भाई हैं। 5 बहनों की शादी हो चुकी हैं और एक भाई इनसे भी छोटा हैं। जिनकी शादी होने जा रही थी वो दोनों बहने सिर्फ साक्षर हैं। पहली अथवा दूसरी क्लास पढ़ी हंै, जो भी उन्हें अच्छे से याद नहीं थी। शादी इनकी मर्जी से ही हो रही थी।

टीम ने दस्तावेज मांगे तो हुआ हंगामा

टीम ने जब दोनों की मां व अन्य परिजनों से उनकी उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे तो वो अड़ गए कि उनकी बेटियां बालिग ही हैं। वो आधार कार्ड लेकर आए, जिसके अनुसार उनकी उम्र 23 वर्ष थी, लेकिन टीम ने उनकी बात नहीं मानी। क्योंकि आधार कार्ड एड्रेस प्रूफ होता है एज प्रूफ नहीं। जब टीम ने पूछा कि आधार कार्ड कहां से बनवाया? तो उसका भी जवाब वो संतुष्टिजनक नहीं दे सके। उनके पास वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मार्कशीट, टीसी कुछ भी दस्तावेज नहीं मिले। जब टीम ने कहा कि अब दोनों का मेडिकल करवाया जाएगा, उसके बाद ही शादी हो सकेगी। जिसके बाद परिजनों ने स्वीकार कर लिया कि बेटियां नाबालिग हैं।

बाल विवाह रुकवाने पहुंची टीम।

फोटोग्राफर, ग्रामीण सबको पता लेकिन किसी ने नहीं रोका : सरकार द्वारा लाख जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद आज भी ग्रामीण इलाकों में अवेयरनेस नहीं आ पाई हैं। जहां शादी हो रही थी, वहां मौके पर फोटोग्राफर, ग्रामीण, पुजारी, नाई समेत कई लोग थे। लेकिन किसी ने रोकना उचित नहीं समझा।

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