फीस वृद्धि की शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई, मान्यता भी हो सकती है रद्द : देवनानी
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने डीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों में राजस्थान फीस एक्ट की प्रभावी रूप में पालना की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में शुल्क बढ़ोतरी के सख्त खिलाफ है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर सरकार संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
देवनानी ने इस संबंध में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक को भी अपने यहां इस संबंध में चर्चा के लिए बुलाया। उन्होंने सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक को संबद्ध स्कूलोंं में फीस बढ़ोतरी से संबंधित मीडिया में प्रकाशित समाचारों पर भी सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस वृद्धि को रोके जान के लिए ही विधानसभा में फीस एक्ट पारित कर उसे लागू किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 26 हजार स्कूलों में अभिभावकों की सदस्यता वाली फीस समितियां का गठन किया गया है।
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्रीय बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन फीस वृद्धि के मामले में एकमत है। राज्य सरकार और सीबीएसई संबद्धता वाली कोई भी स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ोतरी पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकते। अभिभावकों पर दुकान विशेष से पुस्तकें एवं अन्य सामग्री क्रय का दबाव भी नहीं डाल सकते हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने डीईओ को निर्देश दिए
प्राइवेट स्कूलों द्वारा निर्धारित यूनिफार्म, टाई, जूते, कापियां आदि भी स्टूडेंट्स, अभिभावक खुले बाजार से खरीद करने के लिए स्वतंत्र है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा स्टूडेंट्स लिए निर्धारित की जाने वाली यूनिफार्म न्यूनतम 5 साल तक बदली नहीं जाएगी। अभिभावकों के हित में प्राइवेट स्कूलों के लिए जारी यह निर्देश राज्य में संचालित सभी प्राइवेट (कक्षा एक से 12वीं, कक्षा एक से 8वीं एक कक्षा एक से 5वीं) चाहे वह किसी भी शिक्षा बोर्ड या मंडल से संबद्ध हों, उन पर प्रभावी होंगे। इनकी पालना नहीं करने पर स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।