मकान बनाना और भी मुश्किल, बजरी की महंगाई के बाद अब लोहे के दाम में 7 से 10 रु. की तेजी
इन दिनों लोहे के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। लोहे में पिछले 1 महीने में 7 से 10 रुपए किलो की तेजी आई है। सरिया में 7 रुपए की तेजी आ गई है। इससे मकान बनाना और भी महंगा हो गया है। पहले ही खनन पर रोक से लोगों को बजरी का ट्रक 30 से 50 हजार रुपए के बीच पड़ रहा है।
लोहा व्यापार संघ के महासचिव मुकेश खंडेलवाल ने बताया कि चीन से लोहे के रॉ मटेरियल कम आने से दाम बढ़ रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने से 7 से 10 रुपए दाम बढ़े हैं। लोहे के एंगल और पाइप में 10 रुपए की तेजी रही है, जबकि सरिया में 7 रुपए की तेजी हो गई है। अब कोई भी लोहा 52 रुपए किलो से कम नहीं मिल रहा है। व्यापारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि चद्दर में भी 7 से 10 रुपए की तेजी आ गई है। इससे अब मकान बनाना और भी महंगा हो गया है। सामान्य परिवार के लिए भी छोटे मकान में लोहे की वजह से 10 से 15 हजार रुपए का बजट बढ़ गया है। लोहे के दाम बढ़ने से बिक्री पर भी असर पड़ा है। सरकारी काम भी स्लो हो गए हैं।
छह महीने से बजरी खनन पर रोक
लोहे के दाम बढ़ने से मकान बनाने व ठेकेदारों पर दोहरी मार पड़ रही है। पहले ही छह महीने से बजरी बंद है। चोरी छिपे लोग बजरी ला रहे हैं। इससे 30 से 50 हजार में ट्रक मिल रहे हैं। मकान बनाने में लोग पीछे हट रहे हैं। कई सरकारी काम भी कम हो गए हैं। हालांकि सीमेंट के दाम स्थिर रहने से लोग राहत हैं।