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28 वार्डों में स्थायी सफाई कर्मियों की नियुक्ति पर भड़के पार्षद, आयुक्त जिंदल ने समझाया

3 वर्ष पहले
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नगर निगम में हाल ही में भर्ती हुए 800 सफाई कर्मचारियों को नगर निगम ने शहर के 6 सेक्टर के 28 वार्डों में ही लगा दिए। जिन वार्डों में उन्हें लगाया गया है, वहां के पार्षदों ने इसका जमकर विरोध किया।

उनका कहना है कि वर्तमान में जो 1100 स्थायी सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं वो ही काम नहीं करते हैं ऐसे में नए और स्थायी लगा दिए तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी। इस 800 को समान रूप से 65 वार्डों में बांटा जाए और इसके साथ-साथ अस्थायी भी लगाए जाए। इस मांग को लेकर पहले पार्षदों ने बैठक की, फिर उपमहापौर सुनीता व्यास, महापौर महेश विजय और अंत में आयुक्त डाॅ . विक्रम जिंदल से मिले। आयुक्त ने कहा कि स्थायी सफाई कर्मचारियों से काम करवाना निगम का काम है। जो काम नहीं करता है, पार्षद उसकी शिकायत करें। तत्काल टर्मिनेट कर देंगे। 15 दिन ये व्यवस्था देखते हैं। सफाई नहीं हुई तो व्यवस्था बदल देंगे। नगर निगम ने सेक्टर 1, 2, 9, 10,14 व 15 के 28 वार्डों में इन 800 सफाई कर्मचारियों को लगाया है। इन वार्डों में लग रहे अस्थायी सफाई कर्मचारियों को हटाया जाएगा। इससे नाराज इन वार्डों के पार्षद महेश गौतम लल्ली, विवेक राजवंशी, राखी गौतम, देवेंद्र चौधरी मामा, मोहम्मद हुसैन मोमदा, नरेंद्र हाड़ा, गिर्राज महावर, रेखा जैन, ध्रुव राठौर आदि 28 पार्षदों ने बुधवार की दोपहर में मीटिंग की। वे विरोध दर्ज करवाने नगर निगम पहुंचे। उपमहापौर सुनीता व्यास व महापौर महेश विजय से मिले। उन्होंने कहा कि हमें भी इसकी जानकारी नहीं है। इस पर आयुक्त डॉ. जिंदल को बुलवाया, लेकिन वे व्यस्त होने के कारण नहीं आए तो सभी पार्षद उनके चैंबर में पहुंचे। जहां उन्होंने मांग रखी कि सभी वार्डों में समान रूप से स्थायी कर्मचारी दो, साथ ही शेष बचे पदों पर अस्थायी कर्मचारी लगाओ।

सफाई कर्मियों को लगाने का विरोध करते हुए पार्षद।

इससे गड़बड़ी पकड़ में आएगी

पार्षदों की मांग पर आयुक्त डॉ. जिंदल ने कहा कि अभी एक ही वार्ड में दोनों तरह के कर्मचारी लगाने से पता ही नहीं चलता है कि कौन काम कर रहा है और कौन नहीं कर रहा। दोनों एक-दूसरे पर काम नहीं करने का आरोप लगाते हैं। इसलिए ये व्यवस्था की है कि इन 28 वार्डों में सभी कर्मचारी स्थायी लगा दिए हैं वो भी नए वाले। ऐसे में यदि वहां सफाई नहीं हुई तो पता चल जाएगा कि ये काम नहीं कर रहे हैं। इनमें भी हर कर्मचारी का इलाका निर्धारित किया जा रहा है। जिस कर्मचारी के इलाके में सफाई नहीं हुई तो तत्काल गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी। यदि स्थायी कर्मचारी काम नहीं करता है तो निगम के पास ये अधिकार है। उसका वेतन रोका जा सकता है, परमानेंट नहीं करेंगे, टर्मिनेट तक किया जा सकता है।

स्थायी जमेंगे तब अस्थायी हटेंगे

इस संबंध में महापौर महेश विजय ने कहा कि जब तक नए स्थायी कर्मचारी जमेंगे नहीं तब तक अस्थायी कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा। साथ ही हर वार्डों में महिला-पुरुष को समान रुप से लगाया जाएगा।

सामान्य वर्ग के भी आए आवेदन : सफाई कर्मचारियों की भर्ती में इस बार सभी वर्गों से आवेदन मांगे गए थे। इनमें कुल 7400 आवेदन आए, जिनमें से 60 आवेदन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के भी है। हालांकि सामान्य वर्ग के कई लोग आवेदन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। इन 28 वार्डों के पार्षदों ने ये भी आरोप लगाया कि वाल्मीकि समाज के दबाव में नगर निगम ने ठेकेदारों को पाबंद कर दिया था कि वे सामान्य वर्ग के लोगों को अनुभव प्रमाण पत्र नहीं दे, इसलिए उन्होंने प्रमाण पत्र नहीं दिया।

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