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देश में ट्रेन की चपेट में आने से रोज 76 मौत; आंकड़ा घटाने का तरीका नहीं रेलवे के पास

3 वर्ष पहले
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देश में हर दिन ट्रेन की चपेट में आने से 76 लोगों की मौत हो रही है। ऐसे हादसों में सबसे बड़ा कारण पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आना है। ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौतों में से 47.43 फीसदी हादसे पटरी पार करते समय होते हैं। यह खुलासा रेलवे बोर्ड की रिपोर्ट में किया गया है। वर्ष 2016 में ट्रेन की चपेट में आने व यात्रा के दौरान पोल से टकराने सहित अन्य मामलों में 27,779 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2017 में 27,771 लोगों की मौत हुई, यानी एक साल में केवल 8 मौत कम हुई। रेलवे बोर्ड ने अब सभी जोनल रेलवे के जीएम को पत्र भेजकर इन मामलों की संख्या कम करने के उपाय खोजने व उनकी पालना करने को कहा है। इसका अर्थ है कि बोर्ड के पास ऐसे हादसों को कम करने का कोई तरीका नहीं है।

रेलवे की पब्लिक एकाउंट कमेटी ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी को भी इस बारे में बताया है। कमेटी ने लोहानी को बताया कि आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि सबसे ज्यादा यानी 47.43 प्रतिशत मौत अवैध रूप से पटरी पार करने के दौरान हुई है। इसी तरह 18.44 फीसदी मौत चलती ट्रेन से गिरने से होती हैं। रेलवे बोर्ड अब इन घटनाओं को कम करने के तरीके तलाशने के लिए एक कमेटी बनाएगा। कमेटी में सुरक्षा, संरक्षा व इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।

भास्कर एक्सपर्ट

रेलवे बोर्ड से ले सकते हैं क्लेम

एडवोकेट लक्ष्मण मदनानी

रेलवे दावा न्यायाधिकरण के सदस्य

2020 तक ऐसे हादसों को आधा करना चाहता है रेलवे बोर्ड, ट्रेन आते समय पटरी पार करने के दौरान होती हैं सबसे ज्यादा मौत

चलती ट्रेन से गिरना हादसों का दूसरा बड़ा कारण

2016

27,779

कोटा की स्थिति

2016 में पटरी पार करने वाले 590 व्यक्तियों पर कार्रवाई, 60,800 रुपए जुर्माना वसूला

2017 में 375 व्यक्तियों पर पटरी पार करने पर कार्रवाई, 43300 रु. जुर्माना वसूला

2018 अप्रैल तक 150 व्यक्तियों पर कार्रवाई, 15000 का कुल जुर्माना

रेलवे बोर्ड हादसों में मौत या घायल होने पर क्लेम देता है, लेकिन इसमें ट्रेस पासिंग जैसे नियम तोड़ने वाले कारण शामिल नहीं हैं।

मौत हुई ट्रेन की चपेट में आने से

इस सिस्टम से रियल टाइम बेसिस पर ट्रेनों को ट्रैक भी करेगा रेलवे।

3. चिप से हूटर तक सिग्नल भेजा जाएगा। ट्रेन जैसे-जैसे क्रॉसिंग के पास आएगी, हूटर बजना शुरू हो जाएगा। इससे क्रॉसिंग पार करने वाले लोगों को चेतावनी मिलेगी।

ट्रेन से जुड़े इन हादसों मेें ही मिलता है क्लेम

वैध यात्री की ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो जाए या उसका कोई अंग भंग हो जाए।

रेलवे परिक्षेत्र में किसी तरह का हादसा होने पर मौत या घायल होने पर।

ट्रेन से उतरते या चढ़ते समय किसी यात्री की गिरने से मौत हो जाए या वो गंभीर रूप से घायल हो जाए।

वैध यात्री के यात्रा के दौरान अनपेक्षित घटना में मरने पर 8 लाख का क्लेम।

दोनों पैर कटने पर 8 लाख का क्लेम।

27,771

अनमैन्ड क्रॉसिंग पर हादसे कम करने के लिए इसरो की मदद ले रहा रेलवे

लोगों ने दम तोड़ा ऐसे हादसों में

1. अनमैन्ड क्रॉसिंग पर लगा हूटर इसरो के नेविगेशन सिस्टम से जुड़ेगा। ट्रेन के इंजन में आईसी चिप लगेगी।

2. ट्रेन जब क्रॉसिंग से 4 किमी. दूर होगी, तब चिप एक्टिवेट हो जाएगी।

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