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लेंदी रहा एडवांस्ड का पेपर, 100 प्रतिशत सही न्यूमेरिकल वैल्यू पर ही मिलेंगे नंबर

3 वर्ष पहले
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आईआईटी कानपुर की ओर से आयोजित जेईई एडवांस्ड के ऑनलाइन पेपर में न्यूमेरिकल वैल्यू के जवाब 100 प्रतिशत सही होने पर ही स्टूडेंट्स को मार्क्स मिलेंगे। इस साल पहली बार इस टॉपिक के सवालों के उत्तर दशमलव के बाद भी दो डिजिट में गए हैं। इस तरह के 48 सवाल थे, जिसके चलते इस बार पेपर लेंदी रहा। इस साल दोनों पेपर के सेक्शन 3 में बड़ा बदलाव हुआ। पेपर वन के सेक्शन 3 में पैराग्राफ व पेपर टू के सेक्शन तीन में मैच द लिस्ट के संबंधित सवाल पूछे गए हैं। जेईई एडवांस्ड का एग्जाम रविवार को सुबह नौ से 12 व दोपहर 2 से 5 बजे तक हुआ। इस बार पेपर 360 नंबर का रहा यानी करीब 126 नंबर पर काउंसिलिंग कॉल आ जाएगी।

पारदर्शी पेन ले जाने दिए अंदर

पेन को लेकर आईआईटी ने कोई निर्देश नहीं दिए थे। ऐसे में जो स्टूडेंट्स पारदर्शी पेन लेकर आए थे, उनको पेन ले जाने की इजाजत दे दी गई थी। पेन नहीं लेकर आने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पेपर वन में 7 हजार 326 स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहे वहीं पेपर टू में 9 हजार 731 गैरहाजिर रहे। टोटल 1 लाख 64 हजार 822 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

ऑनलाइन था एग्जाम, निर्देश पढ़ने के लिए मिला 20 मिनट का समय

ऑनलाइन एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को निर्देश पढ़ने व मार्किंग पैटर्न जानने के लिए 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। दिशा निर्देश हार्ड कॉपी में दिए गए थे। परीक्षा के बाद कॉपी को साथ में ले जाने की इजाजत भी दी गई थी। इसके साथ ही रफ वर्क के लिए राइटिंग पैड भी दिए गए, जो स्टूडेंट्स ने परीक्षा के बाद एग्जामिनेशन सेंटर्स पर ही जमा करवा दिए।

22 से 25 मई तक मेल पर मिलेंगे पेपर, रिजल्ट 10 को

िरजल्ट 10 जून को आएगा। आईआईटी कानपुर 22 से 25 मई तक स्टूडेंट्स को पेपर मेल करेगा। पेपर समाप्त होने के बाद इसकी सूचना जेईई एडवांस्ड की वेबसाइट पर भी जारी हो गई थी। 29 मई को आंसर की आएगी और 30 मई को शाम 5 बजे तक आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।

इस साल दोनों पेपर के तीसरे सेक्शन में मिला बड़ा बदलाव

सेक्शन 2 में माइनस मार्किंग नहीं

पेपर-1 : कुल अंक 180

18

सवाल

केमेस्ट्री

60

अंक का प्रत्येक पेपर

18

मैथ्स

तीन सेक्शन में विभाजित रहे तीनों

सेक्शन-2

24

कुल अंक

पैटर्न : न्यूमेरिकल वैल्यू

मार्किंग स्कीम : प्लस 3 व माइनस मार्किंग नहीं

सेक्शन वन में ऐसे होती है आंशिक मार्किंग

सेक्शन में एक से अधिक ऑप्शन सही हो सकते हैं। उदाहरण के लिए किसी सवाल के 3 ऑप्शन सही हैं। स्टूडेंट्स ने तीनों सही चुने तो प्लस 4 नंबर मिलेंगे। चारों ऑप्शन सही हैं, लेकिन तीन ही सही भरे तो प्लस 3 नंबर मिलेंगे। तीन व अधिक ऑप्शन सही हैं, लेकिन दो सही ऑप्शन चुनने पर प्लस 2 नंबर मिलेंगे। दो व अधिक ऑप्शन सही हैं, लेकिन एक ही सही चुना तो प्लस 1 अंक दिए जाते हैं।

भास्कर एक्सपर्ट पैनल: कठिन थी पेपर-2 की फिजिक्स, मैथ्स में स्कोरिंग तय करेगी रैंक

पेपर वन की फिजिक्स आसान थी, लेकिन पेपर टू में इस सब्जेक्ट के सवाल कठिन थे। गणित का पेपर लेंदी था। यहां पेपर टू में गणित का स्तर ठीक था। दोनों पेपर में केमेस्ट्री का स्तर मध्यम रहा। ऐसे में मैथ्स में अच्छा स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स को फायदा होगा। -बृजेश माहेश्वरी, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट

इस साल न्यूमेरिकल वैल्यू के सवालों के उत्तर एक्यूरेट देने थे। सवालों के उत्तर दशमलव के बाद दो डिजिट तक भी गए हैं। इस कारण पेपर लेंदी भी रहा। पेपर वन में केमेस्ट्री के सवाल व पेपर टू में कॉलम मैचिंग के सवाल डिसाइडिंग फैक्टर रहेंगे। पेपर दो में केमेस्ट्री और मैथ्स का पार्ट लेंदी रहा। - शैलेंद्र माहेश्वरी, कॅरियर प्वाइंट

पहला आसान रहा, वहीं दूसरा थोड़ा कठिन रहा। पेपर टू में मार्किंग स्कीम पेपर वन की तरह समान रही। सिर्फ तीसरे खंड पेपर वन के तीसरे खंड से कुछ अलग रहा। कटऑफ कम रहने की संभावना है। -महेंद्र सिंह, निदेशक, वाइब्रेंट एकेडमी

08

कुल सवाल

कुल सवाल : 54

सेक्शन-1

पैटर्न : मल्टीपल च्वाइस

मार्किंग स्कीम : प्लस 4 व माइनस 2 व आंशिक मार्किंग

सेक्शन 3 में मैच द लिस्ट पैटर्न

पेपर-2 कुल अंक 180

केमेस्ट्री

अंक का प्रत्येक पेपर

तीन सेक्शन में विभाजित रहे तीनों

सेक्शन-2

पैटर्न : न्यूमेरिकल वैल्यू

मार्किंग स्कीम :प्लस 3 व माइनस 1

हर साल ऐसे बदल जाती है मार्किंग स्कीम



पहली बार यह एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड हुआ है। कुल प्रश्नों की संख्या एक समान रही। वर्गों के वितरण में अंतर है और पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति भी अलग है। इंटीजर टाइप सवाल ज्यादा थे जो पिछले वर्ष से अलग था। फिजिक्स और मैथ्स के सवाल पिछले वर्ष जैसे ही थे, केमिस्ट्री मुश्किल थी। - नितिन विजय, मोशन

पहले पेपर में फिजिक्स का भाग कठिन था। इसमें काफी प्रश्न पेचीदा और लंबे रहे। केमेस्ट्री का भाग पिछले 2-3 सालों की तुलना में आसान था। मैथ्स के प्रश्न मध्यम स्तर के थे। द्वितीय पेपर प्रथम पेपर की तुलना में कठिन था। कुल मिलाकर परीक्षा कठिन रही और कटऑफ कम रहने की संभावना है। - डॉ. बीवी राव, चेयरमैन, राव एकेडमी

60

कुल सवाल : 54

सेक्शन-1

पैटर्न : मल्टीपल च्वाइस

मार्किंग स्कीम : प्लस 4 व -2 और आंशिक मार्किंग

सेक्शन-3

पैटर्न : मैच द लिस्ट

मार्किंग स्कीम :प्लस 3, माइनस 1

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