कोटा|हाड़ौती के वन्यजीव प्रेमियों का मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के मुकंदराज एमटी 1 बाघ का जोड़ा बनने का इंतजार अभी लंबा खींचेगा। फिलहाल टी-91 बाघ की शिफ्टिंग को लेकर जयपुर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। जिसके निपटने के बाद ही रणथंभौर से बाघिन यहां ले आई जा सकेगी।
रविवार को चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जीवी रेड्डी ने बताया कि भोपाल के अजय शंकर दुबे ने 25 अप्रैल को हाईकोर्ट में बाघ टी 91 की शिफ्टिंग को लेकर याचिका दायर की थी। 22 मई को कोर्ट में सुनवाई है। रेड्डी ने कहा कोर्ट में मामला चल रहा है। इसके निपटने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल अभी कुछ कहना संभव नहीं है। ऐसे में मई माह में एमटी 1 बनने की उम्मीद नहीं है।
एक माह पहले हुई थी हार्ड रिलीज
3 अप्रैल को रामगढ़ सेंचुरी से मुकंदरा में टी 91 को शिफ्ट था। 21 अप्रैल को उसका नाम एमटी 1 रखते हुए 28 हेक्टेयर के एनक्लोजर से हार्ड रिलीज की गई। 26 अप्रैल को बाघ एनक्लोजर से 8 हजार हेक्टेयर के खुले जंगल में बाहर आया था।
एनटीसीए की बैठक में उठे सवालांे का वन विभाग ने दिया जवाब
27 मार्च को रणथंभौर से मुकंदरा में बाघ शिफ्ट करने पर अस्थाई रोक लगा दी थी। उक्त मामले में 4 मई को एनटीसीए और वन विभाग के बीच वार्ता बैठक हुई। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने बताया कि इस बैठक में एनटीसीए की ओर से मुकंदरा को लेकर की गई क्योरी का वन विभाग ने जवाब दे दिया है।
कोटा के साथ षड्यंत्र, कोर्ट में रखेंगे मुकंदरा का पक्ष :इधर, ग्रीन कोर संस्था के सचिव डॉ. सुधीर गुप्ता ने इस पूरे मामले को कोटा के लिए षडयंत्र बताया। उन्होंने कहा कोर्ट में याचिका लगाते हुए भोपाल के एक सज्जन ने एमटी 1 को रामगढ़ सेंचुरी में वापस शिफ्ट करने की बात कह रहे है। जो गलत है। मुकंदरा बाघों के लिए मुफीद है। लंबे समय बाद रिजर्व में बाघ बसा है। ऐसे में कोटा की ओर से 22 मई को कोर्ट में ग्रीन कोर संस्था मय दस्तावेजों के साथ मुकंदरा का पक्ष रखेगी।
बाघ एमटी 1
यह लगाई थी याचिका
अजय शंकर दुबे ने कोर्ट में याचिका लगाते हुए कहा था टी-91 बाघ की शिफ्टिंग एनटीसीए की अनुमति के बिना की गई और इसमें कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। वन विभाग ने बाघ की शिफ्टिंग के लिए एनटीसीए से मंजूरी नहीं मांगी थी। अब फैसले के बाद ही बाघिन का आना तय होगा।