खेती में घाटे से किसान परेशान हैं, लगातार फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से कर्जदार बन रहा है। कर्ज के बोझ के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों की आत्महत्याओं को रोकने व फसल उत्पादन का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य दिलवाने की मांग को लेकर 24 मई को देश के 100 किसान संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल पीएम नरेंद्र मोदी से मिलेगा।
वह कृषि व कर्ज के बोझ के कारण आत्महत्या कर चुके देश के 300 मृत किसानों के आश्रितों को पीएम से मिलवाएगा । हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि मृतक किसानों के आश्रित पीएम से मिलते हुए दिल की बात करेंगे। जो पूरे देश के किसानों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पीएम को बताएंगे उनके अपनों ने मौत को गले सरकार की गलत नीतियों की वजह से लगाया है।
क्योंकि फसल का उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहा। उन पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन, सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। दशरथ ने बताया कि 300 मृत किसानों के आश्रितों में उनकी विधवाएं व उनके बच्चें होंगे। हाड़ौती में वर्ष 2017-18 में 6 व वर्ष 2018-19 में अब तक 3 किसान आत्महत्या कर चुके। उनके आश्रितों को पीएम से दिल की बात करवाने के लिए ले जाया जाएगा। हाड़ौती किसान यूनियन मृत किसानों के आश्रितों से संपर्क कर रही है। जो हाड़ौती के हालत से पीएम को रूबरू करवाएंगे।
बाजारों में फसलों के उचित मूल्य नहीं मिलने और बैंकों के कर्जों के तले दबे किसानों की आत्महत्या करने की बेबसी को प्रधानमंत्री के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही उनसे इसके समाधान की मांग की जाएगी।
100 किसान संगठनों का प्रतिनिधि मंडल 300 किसानों की विधवाओं व बच्चों को मिलवाएगा पीएम से
अभी तक पीएम ने नहीं दिया समय, 24 मई को दिल्ली में करेंगे बैठक
दशरथ कुमार ने बताया कि एक माह पहले देश के 100 किसान संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने पीएम को पत्र भेजकर मृत आश्रितों की दिल की बात करवाने के लिए 22, 23 व 24 मई का समय मांगा था। लेकिन, अभी पीएम से कोई जवाब नहीं आया है। इसके लिए 24 मई को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक रखी है। जहां से पीएम से मिलने जाएंगे।