पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Kota
  • लीकेज से इकट्‌ठा पानी में नहाने कूदे बच्चे, पाइप लाइन में फंसकर 10 साल के निखिल की जान गई

लीकेज से इकट्‌ठा पानी में नहाने कूदे बच्चे, पाइप लाइन में फंसकर 10 साल के निखिल की जान गई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
क्राइम रिपोर्टर | कोटा

जलदाय विभाग की लापरवाही शुक्रवार को एक बच्चे की मौत का कारण बन गई। अनंतपुरा स्थिति जलदाय विभाग की 800 एमएम की मुख्य पाइप लाइन के लीकेज में नहाते समय अचानक पानी का प्रेशर बढ़ जाने से 10 वर्षीय निखिल की मौत हो गई। पानी के तेज बहाव से निखिल पुलिया के बीच में फंस गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि लगभग 6 महीने से इस पाइप लाइन में लीकेज था, जिसमें आसपास के बच्चे नहाने जाते थे। कई बार शिकायत के बावजूद जलदाय विभाग ने इसे ठीक नहीं कराया।

अनंतपुरा सीआई अमर सिंह ने बताया कि अनंतपुरा में तलाव गांव के पास पाइप लाइन नाले की पुलिया के नीचे से क्रॉस करवाया हुआ है। पाइपलाइन के लीकेज में निखिल पुत्र कैलाश नहाने गया था। दोपहर करीब 12 बजे के आस-पास अचानक पानी का प्रेशर बढ़ा, जिससे निखिल पुलिया के नीचे नाले और पाइपलाइन के बीच में फंस गया। प्रेशर ज्यादा होने के कारण उसकी दम घुटने से मौत हो गई। सूचना पर पुलिस उसे निकालकर नए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

आंखों देखी: पानी के प्रेशर से पाइप लाइन में घुस गया निखिल

निखिल के साथ दो बच्चे और नहा रहे थे। शुरुआत में यहां से धीरे-धीरे पानी आ रहा था और बच्चे नहा रहे थे। लाइन से पानी का अचानक प्रेशर आते ही निखिल सामने लाइन में घुस गया, जिसे देखकर दूसरे बच्चे घबरा गए। वो वहां से भागकर मोहल्ले में गए और अपने घर जाकर परिजनों को यह बताया। जिसके बाद लोगों के हाथ-पैर फूल गए और वो दौड़े-दौड़े मौके पर आए। मुझे भी मोहल्ले में लोगों ने यह बात बताई, जिसके बाद मैं भी मौके पर गया। नहाते समय तो किसी ने नहीं देखा। निखिल के साथ नहाने वाले दोनों बच्चे कौन थे? इस बारे में किसी को कुछ पता नहीं है। (जैसा प्रत्यक्षदर्शी बंटी प्रजापति ने बताया।)

200 लीकेज हैं शहर में, मरम्मत पर साल में सिर्फ 7 लाख खर्च करता है विभाग: शहर में ऐसे करीब 200 लीकेज है, जहां से हर समय पानी बहता रहता हैं। इनमें से कुछ लीकेज ऐसे है, जो विभाग को भी पता नहीं चल पाते। एक्सीएन नरेन्द्र माेहन गुप्ता का कहना है कि शहर में इन लीकेज की वजह से सालभर में इन पाइप लाइन से निकलने वाला करीब 30 प्रतिशत पानी व्यर्थ बह जाता हैं। इसके मेंटीनेंस पर विभाग सालभर में करीब 7 लाख रुपए खर्च करता हैं।

बच्चे की लापरवाही से हादसा : एक्सईएन

बालक ने बैंड में लगी रबर की रिंग को खोल दिया, जिससे पानी तेज गति से निकला। इसके साथ बालक पाइपलाइन व सीमेंट के पाइप के बीच फंस गया। सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वाल्व को बंद करवाकर जेसीबी की सहायता से बालक को निकाला। -नरेन्द्र मोहन गुप्ता, एक्सईएन, जलदाय विभाग

मवेशी को बचाने में कार पलटी, एनिवर्सरी के दिन ही युवक की मौत

परिवार के साथ हर्षवर्धन। (फाइल फोटो)

मृतक बालक निखिल के चाचा पोस्टमार्टम रूम के बाहर विलाप करते।

6 दिन पहले बेटी का पिता बना था

कोटा | बारां फोरलेन पर गुरुवार देर रात अचानक सामने आए मवेशी ने एक युवक की जान ले ली। मवेशी को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर 108 एंबुलेंस उसे एमबीएस लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घाेषित कर दिया। हादसा अंता के पास भगवान बोहरा की बावड़ी के सामने हुआ।

बारां की पंचवटी कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय हर्षवर्धन मेहता मुंबई में प्रॉपर्टी डीलर था। 6 दिन पहले उसकी प|ी राशि ने बेटी को जन्म दिया था, तभी से परिजन खुशियां मना रहे थे। 2 दिन बाद पूजा होनी थी। गुरुवार को हर्षवर्धन की मैरिज एनिवर्सरी थी। वह दिन में दोस्त से मिलने कोटा आया और रात को बारां लौट रहा था। रात करीब 12 बजे भगवान बोहरा की बावड़ी और डोलिया फार्म हाउस के पास अचानक फोरलेन हाइवे पर कार के सामने एक मवेशी आ गया। मवेशी को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और खाई में पलट गई। इस हादसे के दौरान हर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने सूचना दी तो 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल हर्ष को लेकर कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंची। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लीकेज के कारण हुई दुर्घटना : सीआई

पाइप लाइन में लीकेज होने के चलते यह हादसा हुआ है। लोगों ने बताया कि काफी समय ये लीकेज हो रही थी, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। बच्चे की मौत का मामला गंभीर है। विभाग से भी पूछताछ करेंगे कि आखिर पाइप लाइन कब से फूट रही है और इसे दुरुस्त क्यों नहीं करवाया गया? -अमर सिंह, सीआई, अनंतपुरा

खबरें और भी हैं...