स्मार्ट शहर तैयार करने की योजना जमीन के अभाव में अटक गई है। जिस जमीन को इसके लिए चुना गया है उस जमीन को यूआईटी ने बैंक के पास गिरवी रखा हुआ है। स्मार्ट सिटी में सभी सुविधाओं से युक्त एक छोटा शहर बनाने के लिए रानपुर में करीब 136 हैक्टेयर जमीन का चयन करके योजना तैयार की गई थी। इसे पीपीपी मोड पर तैयार करवाने का प्रस्ताव रखा गया था।
मिनी अकेलगढ़ के लिए बैंक से ले रखा था लोन
इसमें एक जैसे मकान, सीवरेज, पानी, बिजली, सड़कें, आवासीय, व्यावसायिक संस्थान तैयार किए जाने थे। प्रथम चरण में इस प्रस्ताव पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन जब जमीन के बारे में जानकारी तो पता चला कि इस जमीन पर यूआईटी ने सकतपुरा में 130 एमएलडी का मिनी अकेलगढ़ बनाने के लिए ऋण लिया था। यह ऋण करीब 108 करोड़ का था, जिसकी अभी भी किश्त चल रही है। अभी 75 करोड़ रुपए एनसीआर बोर्ड को देना बाकी है। यह ऋण केंद्र सरकार की योजना के तहत बहुत कम ब्याज पर दिया गया था। अध्यक्ष आरके मेहता ने बताया कि अब दूसरी जमीन देखकर योजना की डीपीआर तैयार की जाएगी।