किशोर सागर तालाब में बोटिंग करवाकर लाखों रुपए कमाने वाले ठेकेदार बनवारी यदुवंशी ने कभी भी यूआईटी में समय पर पैसा जमा नहीं कराया। हालात यह है कि चार माह के किराए का दिया गया 9 लाख 55 हजार का चेक भी बैंक में पैसा नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। अब यूआईटी ने बनवारी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यूआईटी ने यदुवंशी की कंपनी को पांच साल के लिए पीपीपी मोड पर 1.91 लाख रुपए प्रति माह के किराए पर बोटिंग करने का ठेका दिया था। इसमें ठेकेदार ने शुरू में तो समय पर पैसा जमा करवाया लेकिन, बाद में कभी 2 माह में तो कभी 3 माह में पैसा जमा करवाने लगा। पिछले चार माह का 9 लाख 55 हजार रुपए का चेक उसने 7 मई को यूआईटी को दिया। यह चेक यूआईटी ने बैंक में लगाया तो खाते में पैसा नहीं होने के कारण 16 मई को बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने व समय पर पैसा नहीं देने को गंभीर मानते हुए यूआईटी ने उसे ब्लैकलिस्ट करने की फाइल चला दी है।
कलेक्टर गौरव गोयल ने मांगा स्पष्टीकरण
बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के 8 माह तक किशोर सागर तालाब में बोटिंग कराने को कलेक्टर गौरव गोयल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इसमें कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है। इस बारे में यूआईटी से पूछा गया है। इसी प्रकार आरटीओ ने कैसे 8 माह तक फिटनेस प्रमाणपत्र रोके रखा। फिर ऐसा क्या हुआ कि एक ही दिन में उसे प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस बारे में उनकी ओर से दोनों विभागों को पत्र लिखा गया है।