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जन्म से दिल में छेद की बीमारी की शिकार बेटियों के निजी अस्पतालों में हुए निशुल्क ऑपरेशन

3 वर्ष पहले
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दिल के छेद की गंभीर बीमारी की शिकार निर्धन परिवार की दो बालिकाओं का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके ) के तहत जयपुर के निजी हॉस्पिटलों में निशुल्क ऑपरेशन हुआ है। बालिका खुशी (10) और प्रतिज्ञा (11) अब स्वस्थ हैं। कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी। आरसीएचओ डॉ. एमके त्रिपाठी ने बताया कि सुल्तानपुर ब्लॉक के कोटड़ा दीप सिंह निवासी खुशी और लाडपुरा ब्लॉक के अमरपुरा की झोपड़ियां निवासी प्रतिज्ञा जन्मजात दिल में छेद की गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं। इसी कारण वे जन्म से ही कमजोर थीं और गुमसुम रहती थीं। आरबीएसके की मोबाइल हैल्थ टीमें जब इनके गांव के सरकारी स्कूलों में पंहुची तो स्क्रीनिंग के दौरान टीमों को इनके दिल में छेद की बीमारी से ग्रसित होने की शंका हुई। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में आवश्यक जांचें करवाई गई तो दोनों के दिल में छेद होने की बीमारी सामने आई। इस पर आरसीएचओ कार्यालय से दोनों बच्चियों के ऑपरेशन के लिए रिपोर्ट जयपुर निदेशालय को भिजवाई। वहां से अप्वाइंटमेंट मिलने पर बच्चियों को जयपुर भिजवाया गया। जहां सरकार से अनुबंधित निजी अस्पताल नारायणा हृदयालय में खुशी का 12 मई को एवं प्रतिज्ञा का 16 मई को फोर्टिस हॉस्पिटल में निशुल्क ऑपरेशन किया गया। मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करने वाले प्रतिज्ञा के पिता रामेश्वर और खेती-बाड़ी करने वाले खुशी के पिता सुरेश का कहना था कि उनकी माली हालत ठीक नहीं होने से वे बच्चियों का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे में आरबीएसके से प्राइवेट अस्पतालों में उनकी बेटियों का निशुल्क ऑपरेशन हो जाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

अब तक हुए 51 ऑपरेशन : आरबीएसके कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर दिलीप कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले में अब तक दिल में छेद की बीमारी के 51 बच्चों के निशुल्क ऑपरेशन करवाए जा चुके हैं। आरबीएसके कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद चिह्नित 38 तरह की बीमारियों में निशुल्क उपचार करवाया जाता है।

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