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एमबीएस : वार्डों से सैंपल देने लैब तक जाना पड़ रहा, गर्मी में चक्कर खाकर बैठ जाते हैं रोगी

3 वर्ष पहले
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हमारे पास स्टाफ की कमी है। वार्डों से सैंपल लेने की व्यवस्था लागू की थी, तब कहा था कि आरएमआरएस से 6 कर्मचारी लगाएंगे, लेकिन एक भी नहीं लगा। वार्ड से नर्सिंग स्टाफ सैंपल लेकर तीमारदार को तो दे ही सकता है, मरीज को क्यों लैब तक आना पड़े? यह तो अस्पताल प्रशासन को देखना चाहिए। - डॉ. नवीन सक्सेना, प्रभारी, सेंट्रल लैब

पहले यदि ऐसी व्यवस्था थी तो यह क्यों बंद हुई? लैब के कार्मिक क्यों सैंपल कलेक्ट करने नहीं जा रहे। मरीज को जाना पड़ रहा है यह तो मैं आपसे ही सुन रहा हूं। पूरे मामले की जानकारी करके कल ही सभी वार्डों को एक सर्कुलर भिजवाता हूं, किसी भी मरीज को सैंपल देने लैब नहीं जाना पड़ेगा। - डॉ. पीके तिवारी, अधीक्षक, एमबीएस

कोटा | खेड़ली फाटक की पार्वती को बुखार है। वे शनिवार से एमबीएस में एडमिट हैं। डॉक्टर ने जांच लिखी तो नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि लैब जाकर सैंपल दे आओ। पति के साथ सेंट्रल लैब पहुंची तो पता चला कि जीरो बैलेंस की रसीद लानी होगी। पार्वती को वहीं छोड़ पति रसीद कटवाने ओपीडी में चले गए। गर्मी की वजह से चक्कर आने लगे तो पार्वती वहीं बैठ गई। जबकि भर्ती मरीजों के सैंपल वार्ड में ही कलेक्ट होने चाहिए। गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर पर सैंपल देने के लिए लैब तक जाना पड़ रहा है।

700 मरीज सैंपल देने रोज पहुंचते हैं सेंट्रल लैब

1300

सैंपल कलेक्ट होते हैं रोजाना

200

इनडोर मरीजों के सैंपल होते हैं। इनमें 100 से 150 सैंपल होते हैं एमबीएस के इनडोर मरीजों के

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