भीषण गर्मी के बीच शहर के किसी भी बाजार में जाने वालों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। वहां आपको ठंडे और शुद्ध पानी के कैंपर मिल जाएंगे। करीब 8 साल पहले शुरू हुई प्याऊ की सूरत बदलने की ये मुहिम ऐसी फैली कि आज 30 से ज्यादा स्थानों पर करीब 3 हजार कैंपर मंगाए जा रहे हैं। इन पर रोज लगभग 36 हजार और महीने में 11 लाख रुपए खर्च होते हैं। एक कैंपर 10 से 12 रुपए में आता है। ये सिलसिला मार्च से लेकर अक्टूबर तक चलता है।
गुमानपुरा तिराहे के पास नमकीन की दुकान लगाने वाले नवरतन गाेयल ने 8 साल पहले कैंपर से लोगों को पानी पिलाना शुरू किया। लोगों ने पानी के कैंपर रखे देखे तो सबने आश्चर्य किया। कुछ तो यह भी समझे कि दुकानदार ने अपने ग्राहकों के लिए ऐसा किया है। देखते ही देखते शहर में प्याऊ का कल्चर बदल गया और अधिकतर लोगों ने कैंपर ही रखकर पानी पिलाना शुरू कर दिया। इसमें कई जगहों पर व्यापारी तो कहीं व्यापार संघ भी शामिल होकर पानी पिला रहा है। गुमानपुरा, छावनी, टिपटा, रामपुरा, स्टेशन, अनंतपुरा और नए कोटा में दादाबाड़ी, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्थानों पर कैंपर रखे मिलते हैं।
मार्च से अक्टूबर तक चलता है जल सेवा का सिलसिला, रोज 30 से ज्यादा जगहों पर मंगाते हैं 3 हजार कैंपर
इन तीन उदाहरणों से समझें कोटावासियों का जलसेवा का जज्बा
तीन पीढ़ियों से पानी पिला रहे गोयल : गुमानपुरा में नमकीन की दुकान लगाने वाले नवरतन गोयल ने बताया कि वे पिछले 8 साल से मार्च से अक्टूबर तक कैंपर से पानी पिला रहे हैं। प्रतिदिन 125 से 150 कैंपर मंगाते हैं। यह उनके परिवार की परंपरा है। पहले दादाजी और बाद में पिता गांव में यह सेवा करते थे। उन्होंने पहले प्याऊ लगाई, बाद में कैंपर लगाकर सेवा शुरू कर दी।
पानी के लिए परेशान होते देखा तो पानी के कैंपर लगा दिए : अनंतपुरा में व्यापारी रमेशकुमार गिडवानी ने बताया कि वे पिछले 4 साल से रोजाना 70 से 80 कैंपर रोज मंगा रहे हैं। जब उन्होंने लोगों को पानी के लिए परेशान होते देखा तो यह सेवा शुरू कर दी। मार्च से बारिश तक बाजार में कैंपर लगाए जाते हैं। इसका पूरा खर्च भी स्वयं करते हैं।
अधिकमास में करते हैं पानी की सेवा : पाटनपोल में दुकानदार मनीष कुमार ने बताया कि वे अधिकमास में दो जगह पानी के कैंपर लगाते हैं। रोज करीब 25 से 30 कैंपर मंगाते हैं। हर दो से तीन दिन में जूस या शर्बत भी पिलाते हैं। गुमानपुरा तिराहे पर ही चार दोस्त मिलकर पानी के 50 कैंपर रोज मंगाते हैं। कोटा एलीगेंस ने शहर में 4 स्थानों पर कैंपर लगाए हैं।