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एक्शन लेने की बजाय समझौते पर अड़ी रही पुलिस, बदमाशों ने घेरकर कर दी युवक की हत्या

3 वर्ष पहले
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हत्या के बाद युवक के 2 वीडियो सामने आए हैं, जिसमें वो कह रहा है कि उसकी जान को खतरा है। एक वीडियो में वो कह रहा है कि मम्मी, भाई मुझे बार-बार फोन लगाकर क्यों परेशान कर रहे हो? तुमसे और पुलिस से तो कुछ हो नहीं रहा हैं। वो मुझे मारे इससे बढ़िया है कि मैं खुद ही मर जाता हूं। इससे ज्यादा क्या करूं, मुझे परेशान मत करो। दूसरे वीडियो में कह रहा है कि खलील अहमद और बंटी पठान ने पहले मेरे छोटे भाई को मारा फिर मेरे घर आकर मारपीट की, तोड़फोड़ की... मैं बड़ी मुश्किल से वहां से भागा। मैंने थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। खलील अहमद के छोरे मुझे मारने के लिए ढूंढ रहे हैं... पुलिस वाले मुझे थाने बुला रहे हैं रजामंदी करने के लिए। रजामंदी होने के बाद भी वो मुझे मारेंगे, मुझे इस बात का डर है। मैं अपने घर से भागा-भागा फिर रहा हूं.. मुझे समझ नहीं आ रहा है, मैं क्या करूं... मैं अब या तो अपने घर नहीं आऊंगा या फिर अपनी जान दे दूंगा। सीआई या पुलिस मुझे लिखकर दे कि मुझे जान का खतरा नहीं है, तब ही मैं थाने आऊंगा वरना नहीं आऊंगा।

बदमाशाें ने घर पर भी की थी तोड़फोड़, खौफ से घर नहीं जा रहा था युवक

क्राइम रिपोर्टर | कोटा

रेलवे स्टेशन इलाके में बुधवार देर रात बदमाशों ने डंडे, सरिए और चाकू मारकर एक युवक की नृशंस हत्या कर दी। दोनों पक्षों में कुछ दिन पहले किक्रेट खेलते समय कहासुनी हुई थी। इसके बाद बदमाशों ने युवक के घर पर तोड़फोड़ भी की थी। युवक ने इसकी रिपोर्ट रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस से लेकर एसपी ऑफिस तक दी, लेकिन पुलिस ने युवक की बात को हल्के में लेकर कोई एक्शन लेना उचित नहीं समझा। उल्टा, पुलिस दोनों पक्षों में समझौता करवाने के पक्ष में ज्यादा थी। युवक इतना डरा हुआ था कि कई दिनों से वो अपने घर नहीं जा रहा था। इधर, हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजनों ने अस्पताल में पुलिस को खूब खरी-खोटी सुनाई। पुलिस पर एक्शन नहीं लेने का आरोप लगाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने तक डेडबॉडी उठाने से मना कर दिया। करीब 3 घंटे तक शव एमबीएस अस्पताल के पर्ची काउंटर के बाहर रखा रहा और परिजन विलाप करते रहे।

विजय सिंह उर्फ कालू पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंह निवासी महात्मा गांधी कॉलोनी बुधवार रात बाइक से रेलवे अस्पताल के पास से गुजर रहा था। वहां पहले से घात लगाकर बैठे कुछ युवकों ने उस पर हमला कर दिया। हमले में विजय की गर्दन, सिर और अन्य जगहों पर गंभीर चोटें आईं। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन एमबीएस अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि पुलिस की लापरवाही से ही बदमाशों के हौसले बुलंद थे और उन्होंने सरेआम घेरकर विजय की हत्या कर दी। मृतक के परिजनों ने बंटी, खलील, गोल्डी समेत कई युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है। पुलिस देर रात तक आरोपियों की तलाश में दबिश देती रही।

परिजन बोले-पुलिस बोलती थी झूठी कहानी बना रहे हो, अब देख लो

युवक ने जताई थी हत्या की आशंका, वीडियो वायरल

मृतक विजय

एमबीएस पहुंच एसपी सिटी ने ली जानकारी

इस सनसनीखेज वारदात के बाद मौके पर आला पुलिस अधिकारी पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी। हंगामे की आशंका के मद्देनजर आरएसी भी पहुंच गई। देर रात एसपी अंशुमन भौमिया भी एमबीएस पहुंचे और परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली।

एमबीएस में बिलखते परिजन।

पुलिस ने नहीं सुनी तो एसपी से भी गुहार की थी विजय की मां ने

मृतक विजय की मां साधना सिंह ने 12 अप्रैल को एसपी के नाम एक शिकायत दी थी। जिसमें कहा था कि उसका भतीजा आनंद रेलवे ग्राउंड में किक्रेट खेलने गया था, जहां किक्रेट खेलने को लेकर उसकी कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। उन युवकों ने आनंद के साथ गाली-गलौच और मारपीट कर दी। जब उन्हें समझाने बेटा विजय गया तो उसके साथ भी मारपीट की। इतना ही नहीं कुछ देर बाद 40-50 लोग हमारे घर आए और वहां भी मारपीट की। साधना बीच-बचाव करने गई तो उसके साथ भी मारपीट व छेड़छाड़ की। हमलावरों में खलील व बंटी भी थे। वो लोग विजय की हत्या करना चाहते हैं और उसे तलाश रहे हैं। मैंने शिकायत रेलवे कॉलोनी पुलिस को दी थी, लेकिन वो कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पुलिस बार-बार मेरे बेटे को ढूंढने आती है और मेरा बेटा डर के मारे दो दिनों से घर नहीं आ रहा है। फोन भी नहीं उठाता है। बंटी व खलील का बैकग्रांउड सही नहीं है। वो धमकी देते हैं कि इतने केस कर दिए, एक केस ओर सही...।

मृतक के पिता से पूछताछ करती पुलिस।

वारदात के बाद रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल था। वो बार-बार बोल रहे थे कि पुलिस एक्शन क्यों नहीं लेती? पुलिस हर बार बोलती थी कि तुम कहानी बना रहे हो, अब आकर देख लो। उनका कहना था कि ऐसे पुलिस वालों को सबक सिखाओ, जिनकी वजह से हमने अपने जिगर के टुकड़े को खो दिया। लोगों ने वहां पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। देर रात तक पुलिस परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए मनाने में लगे रहे।

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