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जितनी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने का मैसेज मिला उसका आधा माल ही मंडी में तुला

3 वर्ष पहले
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कस्बे की कृषि उपज मंडी में दो अप्रैल से चारभुजा क्रय-विक्रय समिति एवं राजफैड द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, चना और गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों का आरोप है कि मोबाइल पर जितनी उपज खरीदने का मैसेज आया उतना माल लेकर हम मंडी पहुंचे, लेकिन आधा माल ही खरीदा जा रहा है। ऐसे में आधी उपज वापस घर लेकर जाना पड़ रही है। ऐसे में किसानों को दोगुना किराए का बोझ उठाना पड़ रहा है। इससे किसानों में रोष है।

किसानों ने बताया कि हमें मोबाइल पर मैसेज मिला। इस पर गेहूं, चना व सरसों लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन यहां पूरी उपज की खरीदी नहीं की जा रही है। किशनगढ़ निवासी किशनलाल ने बताया प्रति हैक्टेयर 25 क्विंटल चना का उत्पादन हुआ। मंडी में उपज लेकर आए तो सिर्फ 11 क्विंटल 21 किलो प्रति हैक्टेयर के हिसाब से ही उपज खरीदी गई। आधा माल वापस ट्रैक्टर में भरकर ले जाना पड़ रहा है। भरणी कलां निवासी रतन लाल पुरोहित ने बताया 11 अप्रैल को मोबाइल पर मैसेज आया। इसमें 11 क्विंटल तुलाई का संदेश था। मंडी उपज लेकर आया तो सिर्फ 7 क्विंटल चना ही खरीदा गया। बालू जाट निवासी बनकाखेड़ा को साढ़े ग्यारह क्विंटल उपज खरीदी का मैसेज मिला, लेकिन यहां माल लेकर आने पर 8 क्विंटल सरसों की तुलाई की गई। किसान सांवरलाल जाट ने बताया कि मुझे 40 क्विंटल खरीद का मैसेज मिला। मंडी द्वारा सिर्फ 20 क्विंटल उपज ही खरीदी गई। राजाराम जाट को 40 क्विंटल का मैसेज मिला, लेकिन मंडी में आधी उपज ही खरीदी गई। किसान राम कुमार जाट, किशन दरोगा, राजाराम जाट, भंवर लाल जाट, रतन लाल जाट, प्रहलाद जाट, सांवरलाल जाट, बालू लाल जाट, कमलेंद्र सिंह, कांशीराम गुर्जर ने मंडी प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है।

किसानों का आरोप...सैंपल के नाम पर तीन किलो उपज ली जा रही

जिले में औसत प्रति हैक्टेयर 11 क्विंटल 21 किलो उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। इससे ज्यादा हम नहीं खरीद सकते हैं। अन्य कोई विकल्प नहीं है। श्रवण कुमावत, प्रबंधक कृषि उपज मंडी

किसान से पंजीयन के साथ प्रति क्विंटल 14 रुपए हमाली के लिए जा रहे हैं। मंडी में तुलाई के दौरान किसानों से हमाली के नाम पर पैसा लेना नियम के विपरीत है। कैलाशचंद्र मूंदड़ा, अकाउंटेंट चारभुजा क्रय-विक्रय सहकारी समिति

भास्कर संवाददाता | कोटड़ी

कस्बे की कृषि उपज मंडी में दो अप्रैल से चारभुजा क्रय-विक्रय समिति एवं राजफैड द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, चना और गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों का आरोप है कि मोबाइल पर जितनी उपज खरीदने का मैसेज आया उतना माल लेकर हम मंडी पहुंचे, लेकिन आधा माल ही खरीदा जा रहा है। ऐसे में आधी उपज वापस घर लेकर जाना पड़ रही है। ऐसे में किसानों को दोगुना किराए का बोझ उठाना पड़ रहा है। इससे किसानों में रोष है।

किसानों ने बताया कि हमें मोबाइल पर मैसेज मिला। इस पर गेहूं, चना व सरसों लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन यहां पूरी उपज की खरीदी नहीं की जा रही है। किशनगढ़ निवासी किशनलाल ने बताया प्रति हैक्टेयर 25 क्विंटल चना का उत्पादन हुआ। मंडी में उपज लेकर आए तो सिर्फ 11 क्विंटल 21 किलो प्रति हैक्टेयर के हिसाब से ही उपज खरीदी गई। आधा माल वापस ट्रैक्टर में भरकर ले जाना पड़ रहा है। भरणी कलां निवासी रतन लाल पुरोहित ने बताया 11 अप्रैल को मोबाइल पर मैसेज आया। इसमें 11 क्विंटल तुलाई का संदेश था। मंडी उपज लेकर आया तो सिर्फ 7 क्विंटल चना ही खरीदा गया। बालू जाट निवासी बनकाखेड़ा को साढ़े ग्यारह क्विंटल उपज खरीदी का मैसेज मिला, लेकिन यहां माल लेकर आने पर 8 क्विंटल सरसों की तुलाई की गई। किसान सांवरलाल जाट ने बताया कि मुझे 40 क्विंटल खरीद का मैसेज मिला। मंडी द्वारा सिर्फ 20 क्विंटल उपज ही खरीदी गई। राजाराम जाट को 40 क्विंटल का मैसेज मिला, लेकिन मंडी में आधी उपज ही खरीदी गई। किसान राम कुमार जाट, किशन दरोगा, राजाराम जाट, भंवर लाल जाट, रतन लाल जाट, प्रहलाद जाट, सांवरलाल जाट, बालू लाल जाट, कमलेंद्र सिंह, कांशीराम गुर्जर ने मंडी प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है।

किसानों ने बताया कि हमें सुबह जल्दी मंडी में बुलाया जा रहा है, लेकिन अधिकारी दोपहर में मंडी पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में किसानों के लिए पेयजल व छाया की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सैंपल के नाम पर किसानों से 3 किलो उपज ली जा रही है। जिसका किसानों ने विरोध किया। किसान राजाराम ने बताया क्रय-विक्रय समिति पर हमाली शुल्क जमा कराने के बावजूद कृषि उपज मंडी में तुलाई करने वाले और पैसे वसूल रहे हैं। किसान अपनी आधी उपज को वापस ले जाने को मजबूर हैं।

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