बन का खेड़ा स्थित कस्बे में देवनारायण भगवान मंदिर में महंत बंसीदास के सान्निध्य में विष्णु महायज्ञ एवं कलश स्थापना महोत्सव का सप्त दिवसीय आयोजन हो रहा है।
51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं कलश स्थापना महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को 161 जोड़ों ने वर्षा एवं विश्व कल्याण की कामना को लेकर भगवान विष्णु को निमित्त मानकर पुरुष सूक्त द्वारा 3,25,000 आहुतियां दी गई।
सोमवार सुबह 7 से 11 बजे तक देवपूजन एवं 3 से 6 बजे तक यज्ञ में आहुतियां दी गई यज्ञाचार्य बद्रीनारायण पंचोली ने बताया महायज्ञ में उत्तर प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश सहित 111 पंडितों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। प्रधान कुंड की बोली 2,65,101 रुपए में लगाकर शंकर लाल जाट भीलवाड़ा प्रधान यजमान बने। यज्ञशाला में 9 प्रकार के कुंड बनाए गए।
रविवार रात्रि से नागौर के 20 कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। सोमवार को बाबू खां बड़ला वाले ने भगवान देवनारायण की बगड़ावत का प्रस्तुतिकरण किया। 26 मई रात्रि को भजन गायक गोकुल शर्मा एंड पार्टी द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा सोमवार को 60 हलवाइयों द्वारा 4 हजार लोगों के लिए लापसी-पूड़ी बनाई गई। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन यज्ञ समिति द्वारा 15 टैंकरों से जल की सप्लाई की जा रही है एवं पीने के लिए 400 केन मिनरल वाटर सवाईपुर से आ रहे हैं।
कोटड़ी . बन का खेड़ा में जारी विष्णु महायज्ञ में आहुतियां देते जोड़े।