अक्षय तृतीया का महत्व बताया
कोटकासिम| पवित्र मनन दीप सत्संग परिवार की ओर से अक्षय तृतीया पर भजन-कीर्तन किया और अन्नदान सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव भास्कर ने अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुए कहा कि इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। बद्रीनाथ के पट भी अक्षय तृतीया को ही खुलते हैं। अक्षय तृतीया के दिन ही परशुराम महाराज का अवतरण, कृष्ण सुदामा का मिलन हुआ था और महाभारत का युद्ध भी अक्षय तृतीया के दिन ही समाप्त हुआ था। अक्षय तृतीया का इतना महत्व है कि इस दिन किया गया जप, तप, दान अक्षय रहता है। इसका फल अमृत के समान प्राप्त होता है।