कोटपूतली। गोरक्षा महाभियान के तहत रविवार को समाजसेवी रतनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं पंडित अनूप शास्त्री के मुख्य अतिथि में ग्राम खिड़की मुक्कड़ में बेजुबान पक्षियों व पशुओं के लिए पानी की टंकियां रखवाई गई। पंडित शास्त्री ने कहा कि परमार्थ कार्यों के बगैर व्यक्ति का जीवन अधूरा है। इसलिए व्यक्ति को परमार्थ के कार्यों में अधिक से अधिक भाग लेना चाहिए। उन्होंने स्वार्थ व परमार्थ के अंतर की व्याख्या करते हुए कहा कि स्वार्थ वो कार्य है जो खुद के शरीर को तो लाभ पहुंचाता है, परन्तु मन व आत्मा की उपेक्षा करता है। समाजसेवी रतनलाल शर्मा ने कहा कि परमार्थ कार्य करने से आत्मा व शरीर को सब प्रकार का सुख, शांति, सुकून एवं प्रतिफल वाली आवश्यक परिस्थितियां अपने आप उपस्थित होती हो जाती हैं। सही अर्थों में वो कार्य जिससे अपनी आत्मा का, शरीर का, परिजनों का एवं सारे समाज तथा देश का हित उसमें समाहित हो। असल में वही परमार्थ कार्य है। बजरंग, शुभम , सचिन इत्यदि मौजूद रहे।