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भगवान के हर एक नाम में सत्य है लेकिन कलियुग में इसका अभाव है

3 वर्ष पहले
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भागवत कथा के शुभारंभ पर शोभायात्रा निकली।

लड्ढा माहेश्वरी समाज श्रीमद् भागवत कथा शुभारंभ के पूर्व नगर में निकाली शोभायात्रा

भास्कर संवाददाता | डही

स्थानीय लड्ढा माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर नगर में शोभायात्रा निकली। बैंडबाजों और ताशों की धुन पर युवक-युवतियां गरबा नृत्य करते हुए चले। पुरुषों के साथ महिलाएं भी सिर पर पगड़ी पहने हुए शामिल हुई। कथावाचक पं. चंद्रशेखर पाठक (मथुरा) के साथ ही कोटेश्वर के महंत अयोध्यादासजी, हनुमान मंदिर डही के संत हनुमानदासजी सहित अन्य संत बग्घी और खुली जीप में सवार होकर लोगों को आशीर्वाद दिए चल रहे थे।

जगह-जगह शोभायात्रा में शामिल लोगों के जलपान की व्यवस्था की गई थी। पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। राठौड़ समाज ने शरबत, बोहरा समाज ने चॉकलेट, नगर परिषद अध्यक्ष कैलाश कन्नौज एवं पार्षदों की ओर से आइस्क्रीम बांटी। जनपद पंचायत अध्यक्ष जयदीप पटेल, नगर परिषद अध्यक्ष कन्नौज, जिला पंचायत सदस्य दरियावसिंह जमरा, पार्षद शैलेंद्र सोनी, मंडल भाजपा अध्यक्ष मनीष भार्गव आदि शामिल थे। शोभायात्रा के समापन के बाद माता मंदिर कचहरी चौक में कथा की शुरुआत हुई। कथावाचक पं. चंद्रशेखर पाठक का समाजसेवी नारायण डोडिया, राजेंद्र पुरोहित, महेंद्र कोकजे, अशोक कुमावत, मनीष भार्गव, जानकीलाल माहेश्वरी (सुसारी), प्रहलाद माहेश्वरी (कुक्षी) आदि ने स्वागत किया। कथा के यजमान ओमप्रकाश माहेश्वरी एवं राजेश माहेश्वरी सप|ीक है। भागवत पौथी का पूजन- अर्चन करने के बाद कथावाचक पं. पाठक ने श्रद्धालुओं से कहा कि कथा श्रवण करना परमार्थ है। कथा कहती है कि भगवान के हर एक नाम में सत्य है लेकिन उसका कलियुग में अभाव है। निरंतर एवं नित्य श्रवण परमार्थ रूपी ईश्वरीय भक्ति की ओर ले जाता है। जो निरंतर सतत कीर्तन करता है उसका चैतन्य, मन जीवन परमार्थ के लायक और चरित्र के साथ हृदय परिवर्तन हो जाता है।

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