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अब जीपीएस के जरिए ड्यूटी पर तैनात जवानों को कंट्रोल रूम से लाइव देख सकेंगे पुलिस अधिकारी, लापरवाही तो कार्रवाई

3 वर्ष पहले
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पुलिस सेवाओं को दुरूस्त और संवेदनशील बनाने के लिए कुल्लू पुलिस ने एक ऐसी मोबाइल एप तैयार की है जिसके जरिए पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस जवानों की लोकेशन पता चलती रहेगी। फील्ड में सेवाएं दे रहे जवानों की लोकेशन जीपीएस लोकेशन के जरिए कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लाइव देख सकेंगे।

इससे पुलिस अधिकारियों को जवानों की सेवाओं को रेगुलेट करने में आसानी होगी। पुलिस का मानना है कि इस एप के जरिए जवानों की सेवाओं में सुधार आएगा और सेवाओं से नदारद रहने वाले जवानों पर भी शिकंजा कसेगा। पुलिस विभाग की इस एप को वन, परिवहन, युवा सेवाएं व खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मनाली में लॉन्च किया। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने इस दौरान इस एप की विशेषता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला में ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों व होमगार्डों की लोकेशन इस अत्याधुनिक एप के माध्यम से कंट्रोल रूम में हर समय उपलब्ध रहेगी। इससे जिला में पुलिस व होमगार्ड की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहेगी। प्रहरी एप में यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है जिस जवान की ड्यूटी जिस समय लगेगी उस समय उसे इस एप पर लॉग इन करना पड़ेगा और जब उसकी ड्यूटी आॅफ होगी तो वह जवान लॉग आउट करेगा। सेवा के दौरान अगर कोई जवान ड्यूटी क्षेत्र से बाहर जाता है या लॉग आउट करता है तो ऐसे में एप के एडमिन को इसकी नोटिफिकेशन जाएगी जिससे जवान की तुरंत छानबीन होगी।

कंट्रोल रूम से सीधे कनेक्ट होंगे फील्ड में सेवाएं दे रहे जवान, ड्यूटी छोड़कर नहीं जा पाएंगे जवान

एसपी-डीएसपी के हाथ में रहेगा कंट्रोल

इस एप का कंट्रोल एसपी और डीएसपी के हाथों रहेगा। वे इस एप के एडमिन रहेंगे और जिला भर में ड्यूटी पर अलग अलग क्षेत्रों और बीट में सेवाएं देने वाले जवानों को लाइव ट्रैक कर सकेंगे। पुलिस अधिकारी कंट्रोल रूम में बैठकर फील्ड में ड्यूटी दे रहे जवानों को लाइव डायरेक्शन दे सकेंगे। एप के भीतर जवानों को बीट के आधार पर बांटा जाएगा और बीटें भी गश्त, चोरी की घटनाएं और छापेमारी और अन्य दस्तों के रूप में पंजीकृत होंगे।

चोरी, झगड़ों की फोटो भेज सकेंगे जवान

किसी भी घटना चोरी हो या फिर कोई लड़ाई झगड़ा या कोई तस्करी को अंजाम देने वाले घटनाक्रम का फोटो इस एप के जरिए ड्यूटी में तैनात पुलिस जवान पुलिस अधिकारी को भेज सकेंगे। मुसीबत पड़ने पर पुलिस थाने और चौकी के एक्टिव जवान को घटनास्थल पर जाने के निर्देश भी इस एप के जरिए दिए जाएंगे। बीट और क्षेत्र के आधार पर कौन सी टीम कितना बेहतर कार्य कर रही है इसका डाटा भी एप के जरिए स्टोर होगा।

पुलिस सेवाओं में सुधार

पुलिस ने एक प्रहरी नाम से मोबाइल एप लॉन्च की है। फिलहाल इस एप के जरिए पुलिस सेवाओं को बेहतरीन बनाने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि इस एप से पुलिस सेवाओं में बहुत ही ज्यादा सुधार आएगा। शालिनी अग्निहोत्री, एसपी कुल्लू

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