पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • लोकतंत्र की खुलेआम हत्या कर रही है केंद्र सरकार : कांग्रेस

लोकतंत्र की खुलेआम हत्या कर रही है केंद्र सरकार : कांग्रेस

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिला कांग्रेस कमेटी मंडी शहर में जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा के अगुवाई में लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं शहर में प्रदर्शन डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर दीपक शर्मा ने कहा की केंद्र सरकार ने कर्नाटक में सारी मर्यादाए तोड़कर लोकतंत्र का गला घोंटा हैं। भाजपा को लोकतंत्र के बजाय नोटतंत्र पर ज्यादा यकीन हैं भाजपा के शीर्ष नेतृत्च को सत्ता की हवस हो चुकी हैं। उनके लिए सत्ता सर्वोच्च हो चुकी हैं। इसके लिए वो हर हथकंडे अपनाने को तैयार हैं। बीजेपी महज लोगों में अपनी छवि बनाने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करती हैं जबकि सत्ता को हथियाने में भ्रष्टाचार का ही सहारा लेती हैं। एक समय यदुरप्पा जो उनके लिए भ्रष्टाचारी था आज उसे ही वो मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं। इससे भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर होता हैं। भाजपा संघ को संविधान से ज्यादा प्राथमिकता देती हैं और किसी भी संस्था को नहीं मानती है। जो स्वस्थ लोकतन्त्र के लिए खतरा हैं।

प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, महिला कांग्रेस आदि अग्रिम संगठनों ने भाग लिया। उधर मंडी संसदीय क्षेत्र की युवा कांग्रेस कमेटी ने भाजपा द्वारा कर्नाटका में बनाई गई सरकार की खिलाफत की। युवा कांग्रेस ने डीसी के माध्यम से राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में युवा कांग्रेस ने आरोप लिया है कि जिस तरह से कर्नाटका में भाजपा ने सरकार बनाई है, युकां उसका विरोध करती है।

मंडी में विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ता।

केंद्र की दमनकारी नीतियों के विरोध में जलाया पीएम का पुतला

सुंदरनगर | जिला कांग्रेस कमेटी सुंदरनगर के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह चौक पर केंद्र सरकार की दमनकारी और गैर संवैधानिक नीतियों के चलते पूरे प्रदेश में मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सुंदरनगर रेस्ट हाउस चौक पर जिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई पंचायती राज संगठन व यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी मोदी सरकार का पुतला जला कर प्रदर्शन किया। कर्नाटक में भाजपा की मोदी सरकार द्वारा संविधान व लोकतंत्र की हत्या की गई।

केंद्र सरकार को बर्खास्त करें राष्ट्रपति

बिलासपुर | बहुमत न होने के बावजूद कर्नाटक में राज्यपाल द्वारा भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण देने से खफा कांग्रेस ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कहना है कि देश में तानाशाही पूरी तरह से हावी है। लोकतंत्र और संविधान की बार-बार खुलेआम हत्या की जा रही है। इसमें न केवल भाजपा के वरिष्ठ नेता, बल्कि प्रधानमंत्री भी शामिल हैं। केंद्र सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने एडीएम विनय कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप की अगुवाई में युद्ध स्मारक के बाहर धरना-प्रदर्शन के बाद एडीएम को ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार मनमाने ढंग से काम कर रही है। संविधान की बार-बार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संवैधानिक पदों का दुरुपयोग करते हुए राजनीति को दूषित करने का घिनौना प्रयास किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण कर्नाटक है।

भाजपा को बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन ने बहुमत के आधार पर राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाने का आग्रह किया, लेकिन इसे नजरअंदाज करके भाजपा को ही न्योता दिया गया। ऐसा करके एक बार फिर से लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही पर उतारू हो गई है। जनता के फैसले को बार-बार नजरअंदाज करके अपनी सुविधा के लिए संवैधानिक पदों का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति पूरे देश के लिए घातक है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए विशेष शक्तियों का प्रयोग कर केंद्र सरकार को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक डाॅ. बाबूराम गौतम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्रपाल ठाकुर, गोपालकृष्ण शर्मा, संदीप सांख्यान, तेजस्वी शर्मा, सरपाल, रतनसिंह ठाकुर, रामशरण, अजय चंदेल, राकेश आिद मौजूद थे

एडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते कांग्रेसी।

फीका रहा कांग्रेस का प्रदर्शन, नहीं पहुंचे बड़े नेता

कर्नाटक के मुद्दे पर भाजपा की घेराबंदी के लिए बिलासपुर कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को किया गया प्रदर्शन एक तरह से औपचारिकता निभाने जैसा ही साबित हुआ। युद्ध स्मारक के बाहर प्रदर्शन के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन तय से काफी समय बाद तक भी पार्टी के गिने-चुने पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही वहां पहुंचे। जिला से पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने भी इसमें उपस्थिति दर्ज कराने से परहेज ही किया। ऐसे में प्रदर्शन फीका ही रहा। बाद में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की रस्म निभाई गई।

खबरें और भी हैं...