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नेशनल अवॉर्डी फोक सिंगर का नाम बंजार मेले की लिस्ट से गायब, विधायक पर अारोप

3 वर्ष पहले
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कुल्लू| फोक सिंगिंग में नेशनल अवॉर्ड जितने वाली कलाकार लीला ठाकुर का नाम बंजार मेले की लिस्ट से नाटकीय ढंग से गायब कर दिया गया। पहले बंजार मेला कमेटी द्वारा फोक सिंगर लीला ठाकुर का स्टार नाइट के लिए चयन किया गया और बाकायदा इसकी लिस्ट जारी की गई। लेकिन जैसे ही विधायक को पता चला कि विधानसभा चुनाव में उक्त सिंगर व उसके परिवार ने भाजपा को सपोर्ट नहीं किया है और कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य विक्रम सिंह का गाना गाया है तो लीला ठाकुर म्यूजिकल ग्रुप का नाम लिस्ट से काट दिया गया। जब यह म्यूजिकल ग्रुप कमेटी द्वारा दिए गए समय के अनुसार मंच पर कार्यक्रम देने पहुंचा तो पता चला कि लिस्ट से नाम गायब है। जबकि इससे पहले मंच संचालक इनका नाम एनाउंस कर चुके थे।

शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अवॉर्डी लीला ठाकुर व जीवन ठाकुर ने आरोप लगाया कि बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार मेले का पूरी तरह से राजनीतिकरण किया है। उन्होंने कहा कि गाना उनका प्रोफेशन है और वे कई नेताओं के गाने बनाकर गा चुके हैं। इसमें भाजपा के नेता भी हैं और कांग्रेस के भी और वोट किसे देना यह भारत के नागरिक का अपना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन बंजार के विधायक ने बंजार मेले की लिस्ट से उनका नाम इसलिए काटा कि उन्होंने विस चुनाव में उन्हें वोट नहीं दिया और कांग्रेस प्रत्याशी के लिए गाना गाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंजार के विधायक को कैसे पता चला कि उनके परिवार व उन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया है जबकि मतदान गुप्त होता है।

हिमाचली लोक कलाकार जीवन ठाकुर ने बताया कि वह बंजार विधानसभा क्षेत्र से एक मात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने 200 से अधिक गीत स्वयं लिखे हैं और गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने कई स्टेज शो किए हैं और यूट्यूब में उनके गीतों ने ख्याति अर्जित की है। वहीं, लीला ठाकुर ने बताया कि उन्हें लोकगीतों में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला हुआ है।

निराधार है आरोप: शौरी बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी का कहना है कि कलाकार द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह से निराधार है और बंजार मेले में हर कलाकार को समय देना जरूरी था और उक्त कलाकार द्वारा ज्यादा समय की मांग की जा रही थी जो संभव नहीं था। हो सकता है उस कारण कलाकार ने कार्यक्रम नहीं दिया होगा, पर जो आरोप मुझ पर मेले का राजनीतिकरण करने का लगाया जा रहा है वह पूरी तरह से निराधार है।

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