जिला प्रशासन ने रोहतांग परमिट के नाम पर आवेदकों के खाते से कटे पैसों को वापस लौटाने का प्रावधान कर लिया है। सोमवार को ये पैसा आवेदकों के खाते में बैंक के माध्यम से ट्रांसफर किया जाएगा। रोहतांग परमिट के नाम से टूरिज्म डेवल्पमेंट कौंसिल मनाली की वेबसाइट से रोहतांग के लिए वाहनों को जाने के लिए परमिट जारी किए जा रहे हैं जिसको लेकर सैकड़ों लोगों के पैसे खातों से कट गए थे लेकिन उन्हें परमिट जारी नहीं हुआ। जिसके चलते आवेदकों को उनका पैसा वापस नहीं मिल रहा था। हालांकि वेबसाइट में आवेदकों का पैसा वापस करने का प्रावधान था लेकिन आवेदकों की शिकायत करने के बाद भी उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा था जिसको लेकर भास्कर ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया था और अब प्रशासन ने आवेदकों की इस रकम को वापस देने का मन बना लिया है।
माना जा रहा है कि अब तक 500 से ऊपर के लोगों के पैसे खाते से कट चुके हैं लेकिन उन्हें परमिट नहीं मिला। जिससे यह पैसा लाखों में बनता है जिसे अब प्रशासन वापस लौटाएगा। इस बार 2 मई से वेबसाइट के माध्यम से परमिट जारी करने शुरू हुए थे और दो मई से ही हर दिन दर्जनों आवेदकों के खाते से पैसे कट रहे थे लेकिन उन्हें परमिट नहीं मि पा रहा था। हालांकि पिछले तीन चार दिनों से इस वेबसाइट को दुरूस्त करने का काम किया जा रहा है उसके बावजूद भी शुक्रवार को एक दर्जन भर आवेदकों के खातों से पैसे कटे लेकिन परमिट जनरेट नहीं हुआ। रोहतांग परमिट के नाम पर अब तक सैकड़ों आवेदकों के खाते से पैसे कटते गए जिसके चलते अब तक परमिट की साईट के खाते में इस तरह का लाखों रुपए जमा हो चुका है लेकिन उसे अब तक रिफंड नहीं किया गया था।
जानकारी के अनुसार सैकड़ों ऐसे आवेदक हैं जिनके खाते से रोहतांग के लिए परमिट लेने के लिए पैसे तो कट गए लेकिन उन्हें परमिट नहीं मिल पाया। डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि जिन आवेदकों का पैसा बिना परमिट मिले ही खातों से कटा हैं उनका पैसा साेमवार तक वापस लौट दिया जाएगा। इसके लिए बैंकों से बातचीत हो चुकी है और बैंक और एनआईसी दोनों मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। लिहाजा, जितने भी लोगों को पैसा खातों से कटकर रोहतांग परमिट की साईट के खाते में पड़ा है उसे सोमवार को सभी आवेदकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।