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रोहतांग की आॅनलाइन परमिट व्यवस्था के लिए विशेष टीम गठित, रखेगी निगरानी

3 वर्ष पहले
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रोहतांग के लिए ऑनलाइन परमिट जनरेट करने के लिए गोल्ड अवार्ड प्राप्त करने वाली वेबसाइट की व्यवस्था देखने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है लिहाजा, अब यह वेबसाइट इस विशेष टीम की निगरानी में काम करेगी। दैनिक भास्कर ने वेबसाइट द्वारा रोहतांग के लिए परमिट जारी करने के नाम पर आवेदकों को लग रहे का खुलासा किया था और इस समस्या को 15 मई को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इसके बाद प्रशासन और विभागों के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए और मंगलवार को ही डीसी कुल्लू ने पर्यटन निगम और एनआईसी के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। जिसमें इस वेबसाइट की व्यवस्था देखने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई और इस टीम को वेबसाइट की निगरानी रखने को कहा गया है। गौरतलब है कि रोहतांग के लिए परमिट जारी करने के लिए टूरिज्म काउंसलिंग मनाली की वेबसाइट हर रोज पेट्रोल और डीजल के 1200 वाहनों के परमिट जारी करती है लेकिन वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन जनरेट होने वाले परमिट में हालांकि साइट से 1200 ही परमिट जारी किए जा रहे थे लेकिन फीस ज्यादा लोगों की काटी जा रही थी।

अव्यवस्था से हुई किरकिरी: देश में बेहतरीन वेबसाइट के लिए गोल्ड अवार्ड प्राप्त करने वाली इस वेबसाइट में अव्यवस्था पनपने के कारण जिला प्रशासन, पर्यटन निगम और एनआईसी की किरकरी हुई है। जबकि हाल ही में इस वेबसाइट को गोल्ड अवार्ड से नवाजा गया है जिससे एनआईसी कुल्लू के साथ साथ डीसी कुल्लू का भी सम्मान बढ़ा था। लेकिन यहां परमिट के नाम पर खाते से पैसे कट जाने के बाद परमिट नहीं मिलना और वेबसाइट में इस पैसे को रिफंड करने का प्रावधान होने के बाद भी पैसा खाते में रिफंड नहीं होने से जिला प्रशासन की खूब किरकिरी हुई है।

आवेदकों के खाते से कटे पैसे मिलेंगे वापिस: रोहतांग के लिए परमिट आवेदन की एवज में आवेदकों के खाते से कटे पैसे इस वेबसाइट से जोड़े खाते में लाखों रुपए के रूप में जमा हो चुका है। जो हर आवेदनकर्ता के खाते से 550 रुपए कटते गए और कई लोगों ने अनेकों बार आवेदन किया और उनके खातों से पैसे तो कटते गए लेकिन परमिट नहीं मिला। लिहाजा, रोहतांग के लिए ऑनलाइन परमिट आवेदन करने वालों के खाते से कट रहे पैसों को रिफंड करने के लिए भी प्रशासनिक, पर्यटन और एनआईसी के अधिकारियों ने इस बैठक में मंथन किया और उस पैसे को वापिस उनके खातों में डालने को लेकर चर्चा की।

अब एक्शन मूड में आया प्रशासन: इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है और डीसी कुल्लू यूनुस ने कहा है कि पर्यटक स्थल रोहतांग और मढ़ी के लिए आॅनलाइन परमिट की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। इस संबंध में पर्यटकों व अन्य वाहन चालकों की ईमेल के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।

अगर किन्हीं कारणों से किसी आवेदक की आॅनलाइन फीस कटने के बाद भी परमिट नहीं मिल पाता है तो उसके पैसे बैंक के माध्यम से वापस किए जाएंगे। आॅनलाइन परमिट व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और इसकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम परमिट के अलावा पेमेंट व अन्य प्रक्रियाओं पर भी लगातार नजर रखेगी।

बैरियरों पर रहेगी पैनी नजर: डीसी कुल्लू यूनुस का कहना है कि बैरियरों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं और इन बैरियरों पर तैनात किए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर बदल दिया जाता है।

15 मई को प्रकािशत खबर

ये समय है परमिट आवेदन का

डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि रोहतांग को लेकर एनजीटी के आदेशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने आॅनलाइन परमिट जारी करने के लिए सुबह दस बजे और शाम चार बजे का समय निर्धारित किया है। इन दोनों समय में केवल 1200 गाड़ियों को ही आॅनलाइन परमिट दिया जा रहा है। उनकी माने तो गुलाबा बैरियर या किसी पर्यटक स्थल पर कोई परेशानी होने पर पर्यटक एसडीएम मनाली, पर्यटन विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।

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