नगर कमेटी पर वन भूमि को कब्जा करने का आरोप
महाराजा विकास मंच की बैठक कुल्लू में हुई। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने की। बैठक में कुल्लू जिला के रफाय-आम एवं तृतीय श्रेणी वन भूमि पर हो रहे भवन निर्माणों पर आपत्ति जताई और मंच में प्रस्ताव पारित किया गया है कि ढालपुर में स्थित रफाय-आम एवं तृतीय श्रेणी वन भूमि पर लगातार वन रहे भवनों से यहां का क्षेत्र सिमट रहा है। मंच ने नगर कमेटी कुल्लू द्वारा ढालपुर स्थित बस स्टाप के पास सार्वजनिक शौचालय और वर्षा शालिका पर भवन निर्माण का विरोध करते हुए कहा कि नगर कमेटी लगातार भवन निर्माण करके भविष्य के लिए संकट उत्पन्न कर रही है। जिससे यहां सार्वजनिक भूमि का दायरा कम हो है। वन अधिनियम के अनुसार ढालपुर फाटी के भीतर की रफाय आम भूमि पर सभी नागरिकों के घूमने फिरने का अधिकार है। कोठी फंड का धन मात्र महाराजा कोठी के विकास कार्याे में लगेगा।
मंच ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर नगर कमेटी द्वारा यहां किसी भी तरह के भवन निर्माण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। मंच के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि महाराजा तृतीय श्रेणी वन भूमि पर महाराजा कोठी की जनता का पूर्ण रूप से मालिकाना हक है। वन अधिनियम में जिस कोठी फंड की स्थापना की है उसके अनुसार कोठी फंड का अध्यक्ष डीसी और सचिव डीएफओ है। महाराजा तृतीय श्रेणी भूमि को 25 वर्षों से नगर कमेटी ने गलत तरीके से कब्जाया है।
इसमें भी हुई नियमों की अवहेलना
महाराजा तृतीय श्रेणी वन भूमि में ढालपुर फाटी के ही उन वाशिंदों को ही यहां भूमि दी जा सकती है। जो सन् 1911-12 से पूर्व के निवासी हैं, लेकिन यहां भी गोलमाल है। महाराजा विकास मंच इसकी शीघ्र ही जांच करवाएगा। भविष्य में रफाया-आम बतौर तृतीय श्रेणी वन भूमि पर किसी भी तरह के निर्माण न हो। इसलिए महाराजा कोठी की जनता इसके लिए न्यायालय तक जाने को तैयार है।